बिहार के गया जिले में एक बड़ा भूमि घोटाला सामने आया है, जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पूर्व पदाधिकारी कल्पना कुमारी और उनके पति अरविंद कुमार पर राजस्थान के जयपुर निवासी केदारनाथ राजपुरोहित को ठगने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि इस दंपती ने बिहार राज्य जलागम विकास निगम की भूमि आवंटन के बहाने उनसे 75 लाख रुपये ऐंठ लिए, लेकिन न तो जमीन दी गई और न ही रकम वापस की गई। मामले में रायपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, और पुलिस जांच शुरू कर चुकी है।
केदारनाथ राजपुरोहित ने अपनी शिकायत में बताया कि वर्ष 2022 में राज्य सरकार ने कल्पना कुमारी को गया जिले के टिकारी अनुमंडल क्षेत्र में स्थित इटवान गांव के पास जलागम विकास निगम की भूमि डेयरी फार्म स्थापित करने के लिए आवंटित की थी। कल्पना और अरविंद ने इस भूमि का एक हिस्सा केदारनाथ को हस्तांतरित कराने का लालच देकर उनसे 75 लाख रुपये लिए। हालांकि, महीनों बीत जाने के बाद भी जमीन का आवंटन नहीं हुआ। जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी दंपती ने उन्हें अनुसूचित जाति-जनजाति (SC-ST) ऐक्ट के तहत फंसाने की धमकी दी, ताकि वे चुप रहें।
मामला यहीं नहीं थमा। शुरुआत में आरोपी पक्ष ने समझौते के तहत 42.50 लाख रुपये लौटाने का वादा किया, लेकिन अब वे इससे पूरी तरह मुकर गए हैं। केदारनाथ ने बताया कि आरोपी ऊपर तक पहुंच होने का दावा करते हुए कहते थे कि भूमि आवंटन के लिए उच्च स्तर तक पैसे देने पड़ते हैं, लेकिन सारी रकम खुद हड़प ली गई। हताश होकर पीड़ित ने रायपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जहां धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में आरोपी दंपती के खिलाफ ठोस सबूत जुटाए जा रहे हैं। कल्पना कुमारी, जो BJP की पूर्व पदाधिकारी हैं, और उनके पति अरविंद कुमार गया जिले के निवासी हैं। इस घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, क्योंकि इसमें सरकारी भूमि आवंटन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि वे इस लड़ाई को अंत तक लड़ेंगे, ताकि ऐसे घोटालों पर अंकुश लग सके। मामले की अगली सुनवाई और जांच रिपोर्ट का इंतजार है।




