रिपोर्ट :गिरीश चंदोला
चमोली। उत्तराखंड के चमोली Chamoli जिले में जंगली जानवरों का खतरा बढ़ता जा रहा है। पोखरी विकासखंड के रौता गांव (Rauta Village) में खेतों के पास तेंदुए के हमले में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग तेज कर दी है।
खेतों में काम करते समय हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, रौता गांव निवासी मोहित सिंह (पुत्र शिशुपाल सिंह) खेतों में काम कर रहे थे, तभी अचानक झाड़ियों से निकले तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में युवक के हाथ और पीठ पर गहरे नाखून के निशान आए हैं। बताया जा रहा है कि मोहित सिंह ने हिम्मत दिखाते हुए तेंदुए से मुकाबला किया और किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायल को Pokhri के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार युवक की हालत फिलहाल स्थिर है।
पहले भी मिल चुकी थी तेंदुए की सूचना
थाला बैंड वार्ड के जिला पंचायत सदस्य बीरेंद्र राणा ने बताया कि क्षेत्र में पहले भी तेंदुए की सक्रियता की सूचना वन विभाग को दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब ग्रामीणों ने गांव में पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है, ताकि लोग सुरक्षित तरीके से खेतों में काम कर सकें।
वन क्षेत्राधिकारी कपिल गुसाईं ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही विभाग अलर्ट हो गया है और उच्च अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। वहीं बद्रीनाथ वन प्रभाग के प्रभागीय वन अधिकारी सर्वेश दुबे ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि युवक के शरीर पर तेंदुए के हमले के स्पष्ट निशान हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांग के अनुसार पिंजरा लगाने के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जाएगा। साथ ही वन विभाग की ओर से घायल युवक को ₹15,000 की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई है।
घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि तेंदुए की बढ़ती सक्रियता के चलते खेतों में काम करना भी जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर इलाके को सुरक्षित बनाने की मांग की है।
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