2019 की आपदा के बाद से जमीन धंसने और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने का मामला; पूर्व प्रधान ने जिलाधिकारी से की ठोस कार्रवाई की मांग
तहसील मोरी के अंतर्गत ग्राम पंचायत गोकूल के बरनाली गांव के आशाई तोक क्षेत्र में भूस्खलन की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है। पूर्व प्रधान जगदीश चन्द ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को प्रेषित प्रार्थना पत्र में बताया कि क्षेत्र वर्ष 2019 से लगातार आपदा की मार झेल रहा है, जिसके कारण कई परिवारों की भूमि और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं।
प्रार्थना पत्र के अनुसार 18 अगस्त 2019 को आई भीषण आपदा के बाद से आशाई तोक मोटर पुल से ऊपर लगभग 300 मीटर तक भूमि लगातार खिसक रही है। इससे आसपास की कृषि भूमि और आवागमन मार्गों को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
बताया गया कि 20 अगस्त को क्षेत्र भ्रमण के दौरान विधायक, जिलाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया था। उस दौरान मोटर पुल के सामने प्रभावित क्षेत्र की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बाद 11 नवम्बर को भी विधायक द्वारा कृषि विभाग और सिंचाई विभाग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे।
#ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क कटिंग और मलबा डंपिंग के कारण कई किसानों की जमीन दब गई, लेकिन उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिल पाया। प्रभावित किसानों में नीमदास, जीतमल, नरदास और धर्मदास सहित कई ग्रामीणों के नाम शामिल हैं।
#प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि 19 जुलाई 2024 को तहसीलदार और पटवारी द्वारा मौके पर जाकर निरीक्षण और फोटोग्राफी भी की गई थी, जिसकी रिपोर्ट भी संबंधित विभागों को दी गई। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
#ग्रामीणों के अनुसार 18 अगस्त 2019 से बरनाली-विवो मोटर मार्ग से बरनाली नानी गांव तक जाने वाला संपर्क मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसके कारण ग्रामीणों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि शासन स्तर से मिलने वाली राहत योजनाओं का लाभ भी अभी तक उन्हें नहीं मिल पाया है।
#पूर्व प्रधान जगदीश चन्द ने बताया कि इस संबंध में अधिशासी अभियंता और अन्य विभागीय अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन लगभग सात वर्षों में भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कर प्रभावित ग्रामीणों को राहत और समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
#ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का तकनीकी सर्वे कराया जाए, क्षतिग्रस्त संपर्क मार्ग को जल्द पुनर्निर्मित किया जाए तथा प्रभावित किसानों को मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।




