उत्तराखंड में गैस संकट पर सख्ती: कालाबाजारी पर शिकंजा, 9 FIR दर्ज, 4 गिरफ्तार

 

ईरान-इजरायल के बीच जारी तनाव का असर वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति पर पड़ रहा है, जिसका प्रभाव भारत में भी देखा जा रहा है. हालांकि देश में एलपीजी और अन्य ईंधनों की सप्लाई सीमित स्तर पर जारी है, लेकिन उत्तराखंड में इस स्थिति को लेकर लोगों के बीच चिंता और घबराहट का माहौल बना हुआ है.

इसी पैनिक का फायदा उठाते हुए कुछ लोग गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण और ऊंचे दामों पर बिक्री (कालाबाजारी) करने में जुटे हैं. इस पर अंकुश लगाने के लिए राज्य का खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है.

कार्रवाई में तेजी, कई लोग रडार पर

विभाग की ओर से 9 मार्च से 17 मार्च के बीच पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर निरीक्षण अभियान चलाया गया. इस दौरान कुल 2,053 जांच की गईं और 72 स्थानों पर छापेमारी हुई.

प्रवर्तन कार्रवाई के तहत अब तक 9 व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि 4 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

भारी मात्रा में सिलेंडर जब्त, जुर्माना भी वसूला गया

जांच के दौरान विभाग ने 429 गैस सिलेंडर, एक कांटा (वजन मशीन) और 2 रिफिलिंग किट जब्त की हैं. इसके साथ ही नियमों के उल्लंघन पर 71,500 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है.

जिलेवार कार्रवाई का हाल

प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी सख्त कार्रवाई देखने को मिली:

उत्तरकाशी: 87 निरीक्षण, 37 सिलेंडर जब्त, 44 हजार रुपये जुर्माना

पौड़ी: 564 निरीक्षण, 1 एफआईआर, 39 सिलेंडर जब्त, 11,500 रुपये जुर्माना

चमोली: 68 निरीक्षण

देहरादून: 259 निरीक्षण, 4 एफआईआर, 3 गिरफ्तार, 180 सिलेंडर जब्त

रुद्रप्रयाग: 203 निरीक्षण, 48 सिलेंडर जब्त

टिहरी: 178 निरीक्षण, 14 सिलेंडर जब्त

हरिद्वार: 111 निरीक्षण, 31 छापे, 21 सिलेंडर जब्त

नैनीताल: 78 निरीक्षण, 40 छापे, 3 एफआईआर, 33 सिलेंडर जब्त

अल्मोड़ा: 74 निरीक्षण, 16 हजार रुपये जुर्माना

बागेश्वर: 136 निरीक्षण, 1 सिलेंडर जब्त

उधम सिंह नगर: 93 निरीक्षण, 1 एफआईआर, 1 गिरफ्तारी, 33 सिलेंडर, 1 कांटा, 2 रिफिलिंग किट जब्त

पिथौरागढ़: 77 निरीक्षण, 10 सिलेंडर जब्त

चंपावत: 125 निरीक्षण, 10 सिलेंडर जब्त

सरकार का दावा: स्थिति हो रही सामान्य

अपर आयुक्त पीएस पांगती के अनुसार, आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत लगातार कार्रवाई जारी है और जो लोग इस संकट का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और फिलहाल इसकी उपलब्धता संतोषजनक स्थिति में है.

पैनिक से बढ़ी परेशानी

विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में एलपीजी पर निर्भरता अधिक होने के कारण लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है. इसी वजह से उपभोक्ता अतिरिक्त सिलेंडर स्टॉक करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे बाजार में कृत्रिम कमी का माहौल बन रहा है.

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