अजब गजब: भालू बनकर वन विभाग पहुंचे आआरपी कार्यकर्ता, मुआवजे की उठाई मांग

देहरादून: भालुओं द्वारा फसलों को लगातार हो रहे भारी नुकसान पर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (RRP) ने आज वन विभाग मुख्यालय, राजपुर रोड पर अनोखे ढंग से जोरदार धरना प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने भालू के कपड़े पहनकर के वाइल्डलाइफ वार्डन विवेक पांडे के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भिजवाया।

प्रदर्शन के दौरान रीजनल पार्टी नेताओं ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि शासन स्तर पर भालू से फसलों को होने वाले नुकसान का मुआवजा देने का कोई प्रावधान ही नहीं है।

एक स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार, वन विभाग के प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा ने स्वीकार किया है कि भालू द्वारा फसल क्षति पर मुआवजा देने की कोई व्यवस्था अभी तक नहीं है, जबकि सियार, बंदर आदि अन्य जानवरों के मामले में मुआवजा दिया जाता है। इस पर पार्टी ने सरकार की उदासीनता पर सवाल उठाया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने कहा, “किसान पहाड़ की रीढ़ है, लेकिन सरकार भालू के हमले से उनकी फसल बर्बाद होने पर आँखें मूंदे बैठी है। जब मनुष्य व पशु क्षति पर मुआवजा है, तो फसल क्षति पर क्यों नहीं? यह किसानों के साथ अन्याय है।
रीजनल पार्टी इस मुद्दे को तब तक नहीं छोड़ेगी जब तक किसानों को उचित मुआवजा और स्थायी सुरक्षा नहीं मिल जाती।”

प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने आक्रोश जताते हुए कहा,
“आज जो खबर सामने आई है, वह बेहद शर्मनाक है। शासन स्तर पर भालू से फसलों के नुकसान का मुआवजा देने का कोई आदेश या प्रावधान तक नहीं बनाया गया है। किसान दिन-रात मेहनत करते हैं और रातोंरात उनकी फसल भालू खराब कर जाता है, फिर भी सरकार चुप है। हमने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है।यदि जल्दी कार्रवाई नहीं हुई तो रीजनल पार्टी पूरे उत्तराखण्ड में बड़े आंदोलन की तैयारी कर रही है।”

जिला अध्यक्ष नवीन पंत ने कहा, “वन विभाग स्वयं मान रहा है कि चार महीने पहले प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन अब तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ। सैकड़ों किसान परिवार बर्बादी के कगार पर हैं। हमारी पार्टी किसानों के हक के लिए सड़क पर है और आगे भी रहेगी।”

प्रदर्शन में सैकड़ों किसान और कार्यकर्ता शामिल हुए। पार्टी ने मांग की कि तुरंत फसल नुकसान का सर्वेक्षण कर मुआवजा वितरित किया जाए और दीर्घकालिक समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।

रीजनल पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लेगी तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

धरना प्रदर्शन में राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल, प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल, वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश ईष्टवाल, सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष भगवती प्रसाद नौटियाल, जिला अध्यक्ष सैनिक प्रकोष्ठ भगवती प्रसाद गोस्वामी, जिला अध्यक्ष नवीन पंत, प्रचार प्रदेश प्रचार सचिव विनोद कोठियाल, महिला प्रकोष्ठ महानगर अध्यक्ष शशि रावत , जिला संगठन मंत्री बसंती गोस्वामी, प्रचार सचिव मंजू रावत, आंदोलनकारी प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष सुशील पटवाल , जिला संगठन सचिव जगदंबा बिष्ट, रेनू नवानी, मंडल अध्यक्ष बालावाला रजनी कुकरेती, रायपुर विधानसभा प्रभारी मीना थपलियाल, मंडल उपाध्यक्ष, बालावाला हेमा कोटनाला, प्रवीण भारद्वाज, शोभित भद्री, सुरेंद्र चौहान, तथा देवभूमि युवा संगठन से सुमित थपलियाल, आशीष नौटियाल, पंकज उनियाल आदि तमाम लोग शामिल थे।

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