चमोली। गिरीश चंदोला
उत्तराखंड के चमोली जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। देवाल विकासखंड के दूरस्थ ल्वाणी गांव के पास एक कार अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई।
हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
देर रात देहरादून से निकला था वाहन
प्राप्त जानकारी के अनुसार वाहन देर रात देहरादून से लोहाजंग के लिए रवाना हुआ था। शनिवार तड़के ल्वाणी गांव के समीप अचानक वाहन चालक नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद कार गहरी खाई में जा गिरी। वाहन में कुल छह लोग सवार बताए जा रहे थे। सभी लोग बांक गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने शुरू किया राहत कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस प्रशासन को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस और DDRF की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को खाई से बाहर निकालकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
तीन की मौत, दो घायलों की हालत गंभीर
थराली थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया ने बताया कि दुर्घटना शनिवार सुबह तड़के हुई। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हुए हैं। घायलों में से दो की हालत गंभीर बनी हुई है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
गंभीर घायलों को एयर एंबुलेंस से भेजने की तैयारी
क्षेत्रीय विधायक भूपाल राम टम्टा ने बताया कि घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्होंने सुबह ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) चमोली से बातचीत की है। उन्होंने कहा कि गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए एयर एंबुलेंस के माध्यम से हायर सेंटर रेफर करने की तैयारी की जा रही है, ताकि उन्हें समय पर उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
हादसे के बाद परिजनों में मचा कोहराम
दुर्घटना की खबर मिलते ही मृतकों और घायलों के परिजनों में कोहराम मच गया। घटनास्थल पर चीख-पुकार और अपनों को खोने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। पूरे क्षेत्र में शोक और मातम का माहौल है।
पुलिस कर रही हादसे के कारणों की जांच
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा




