देहरादून। उत्तराखंड जल संस्थान में तबादला आदेशों के अनुपालन को लेकर एक मामला चर्चा का विषय बन गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, हरिद्वार में तैनात अधिशासी अभियंता हरीश बंसल का 21 मई को केंद्रीय भंडार, देहरादून में स्थानांतरण किया गया था। बताया जा रहा है कि यह आदेश विभागीय स्तर पर जारी किया गया था, जिसके बाद उन्होंने अपने पूर्व पद का कार्यभार छोड़ दिया।
सूत्रों के मुताबिक, स्थानांतरण आदेश के अनुपालन में हरीश बंसल केंद्रीय भंडार, देहरादून पहुंचे और कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन वहां पहले से जिम्मेदारी संभाल रहीं इंजीनियर निशा गौतम द्वारा उन्हें चार्ज नहीं सौंपा गया। बताया जा रहा है कि इस कारण कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया अधर में लटक गई है।
विभागीय आदेशों के पालन पर उठे सवाल
मामले ने अब विभाग के भीतर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर अधिकारी अपने पुराने पद से मुक्त हो चुके हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें नए पद पर आधिकारिक रूप से कार्यभार नहीं मिल पाया है। ऐसे में प्रशासनिक प्रक्रिया और तबादला आदेशों के पालन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
असमंजस में अधिकारी, बढ़ी विभागीय हलचल
सूत्रों का कहना है कि हरीश बंसल फिलहाल ऐसी स्थिति में हैं जहां वे न तो पुराने पद का कार्य देख रहे हैं और न ही नए पद का कार्यभार संभाल पाए हैं। इससे विभागीय कार्यप्रणाली पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के फैसले पर टिकी निगाहें
जानकारों का मानना है कि यदि स्थानांतरण आदेशों का समयबद्ध पालन नहीं होता तो इससे प्रशासनिक अनुशासन और व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। अब सभी की नजरें विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं और कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया कब तक पूरी कराई जाती है।

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