दिनेशपुर/उधम सिंह नगर। विशाल सक्सेना
जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासन, चिकित्सा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने दिनेशपुर स्थित डॉ. असगर अली के लाइफलाइन हॉस्पिटल क्लीनिक पर आकस्मिक छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान अस्पताल के अवैध रूप से संचालित होने और बिना महिला चिकित्सक के गर्भपात कराए जाने संबंधी शिकायतों की पुष्टि होने पर अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
मरीज बनकर पहुंचा पटवारी, फिर हुई कार्रवाई
प्रशासन को अस्पताल में अनियमितताओं और अवैध गतिविधियों की शिकायतें मिली थीं। शिकायत की सत्यता जांचने के लिए क्षेत्रीय पटवारी को मरीज बनाकर अस्पताल भेजा गया। प्रारंभिक पुष्टि के बाद संयुक्त टीम ने अस्पताल पर छापा मारकर निरीक्षण किया।
वैध पंजीकरण नहीं मिला, ऑपरेशन थिएटर मिला चालू
जांच में अस्पताल प्रबंधन कोई वैध पंजीकरण प्रस्तुत नहीं कर सका। टीम को पता चला कि डॉ. असगर अली के पास केवल BAMS डिग्री है, जबकि परिसर में अस्पताल संचालित किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान ऑपरेशन थिएटर, एलोपैथिक दवाइयां और ऑपरेशन से संबंधित उपकरण भी पाए गए।
सबसे गंभीर बात यह रही कि मौके पर कोई महिला चिकित्सक मौजूद नहीं थी, जबकि अस्पताल में गर्भपात और स्त्री रोग संबंधी प्रक्रियाएं किए जाने के संकेत मिले।

गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली दवाएं और उपकरण मिले
निरीक्षण के दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मधु माथुर और जिला चिकित्सालय के डॉ. अंजनी कुमार ने पुष्टि की कि अस्पताल में गर्भपात एवं स्त्री रोग संबंधी प्रक्रियाओं में इस्तेमाल होने वाली दवाएं और उपकरण मौजूद थे।
टीम को मौके से ये सामग्री मिली:
- मिडाजोलम इंजेक्शन
- मेफेनफाइन दवा
- मेसोप्रोस्टॉल टैबलेट
- एपिडोसिन और मेथारजिन
- फीटल डॉप्लर मशीन
- रक्त मिश्रित कॉटन स्वैब
- बीएसटी एवं कंसेंट दस्तावेज
अस्पताल सील, रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई
कार्रवाई के दौरान उप जिलाधिकारी गदरपुर, तहसीलदार गदरपुर, राजस्व उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार, इंदु भट्ट तथा पुलिस विभाग के अन्य कार्मिक भी मौजूद रहे।
प्रशासन ने अस्पताल को अवैध रूप से संचालित पाए जाने पर तत्काल सील कर दिया है और मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।




