उत्तरकाशी, 13 जून। नीरज उत्तराखंडी
यमुना वैली के गीठ पट्टी क्षेत्र में वायरल बुखार के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने प्रभावित और दूरस्थ गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर ग्रामीणों की जांच शुरू कर दी है।
प्रशासन का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को उपचार के अभाव में परेशानी नहीं होने दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सा टीमें भी तैनात की जाएंगी।

गीठ पट्टी क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की विशेष निगरानी
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गीठ पट्टी क्षेत्र के पिंडकी, मदेश और आसपास के गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
शिविर के दौरान 83 लोगों की जांच की गई, जिनमें बुखार, सर्दी-जुकाम, शुगर और ब्लड प्रेशर से संबंधित परीक्षण शामिल रहे। चिकित्सकों ने बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों की विशेष रूप से स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक दवाइयां भी वितरित कीं।
स्वास्थ्य शिविर में डॉ. अखिल राणा, डॉ. भीम, अजय चौहान, एकता, आरती और चतर सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अपनी सेवाएं दीं।
मोरी ब्लॉक के भीतरी गांव में 120 मरीजों का परीक्षण
वायरल बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए मोरी ब्लॉक के सुदूरवर्ती भीतरी गांव में भी स्वास्थ्य विभाग ने विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित किया।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. नितेश रावत के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने 120 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराईं।
इस टीम में डॉ. विपुल बर्थवाल, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी राजेंद्र और संदीप सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल रहे।

100 दिवसीय टीबी अभियान के तहत भी चला स्वास्थ्य परीक्षण
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशन में 100 दिवसीय टीबी अभियान के तहत ग्राम सभा नागणगांव-थान में भी स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। शिविर में 70 लोगों की जांच की गई।
इस दौरान 50 लोगों के एक्स-रे, 40 लोगों की शुगर जांच और 30 लोगों का रक्तचाप परीक्षण किया गया। जांच के बाद सभी लाभार्थियों को आवश्यक दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।
शिविर में सीएचसी नौगांव के डॉ. दीपक, सीएचओ वंदना डोगरा, एसटीएस विजेंद्र पंवार, एएनएम आरती, एएफ सरिता, धर्मेंद्र चौहान और ज्योति समेत स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मियों ने सेवाएं प्रदान कीं। ग्राम प्रधान हरदेव चौहान भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
डीएम प्रशांत आर्य बोले- जनस्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने, दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सा टीमों की तैनाती के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि दूरस्थ गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है और भविष्य में भी ऐसे विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन जारी रहेगा, ताकि ग्रामीणों को उनके घर के नजदीक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।





