देहरादून: उत्तराखंड कैडर के वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी संजीव चतुर्वेदी को भारत के लोकपाल (Lokpal of India) में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) पद पर प्रतिनियुक्ति के लिए राज्य सरकार की मंजूरी मिल गई है।
उत्तराखंड शासन ने लोकपाल सचिवालय को पत्र भेजकर उनके आवेदन पर औपचारिक सहमति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवेदन से जुड़ी सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
संजीव चतुर्वेदी अपने कार्यशैली, प्रशासनिक सख्ती और भ्रष्टाचार के मामलों पर बेबाक रुख के कारण हमेशा चर्चा में रहे हैं। ऐसे में उनकी लोकपाल में संभावित नियुक्ति एक बार फिर प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
संजीव चतुर्वेदी उत्तराखंड कैडर के चर्चित IFS अधिकारी हैं। वन विभाग और प्रशासनिक मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका तथा विभिन्न मुद्दों पर उनके सख्त रुख ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है।
उत्तराखंड आने से पहले वह दिल्ली AIIMS जांच प्रकरण में भी सुर्खियों में रहे थे। भ्रष्टाचार और प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर उनकी सक्रियता अक्सर चर्चा का विषय बनी रहती है।
लोकपाल ने निकाली थी संयुक्त सचिव पद पर भर्ती
दरअसल, लोकपाल ऑफ इंडिया ने 27 अप्रैल 2026 को संयुक्त सचिव स्तर के एक पद को प्रतिनियुक्ति (Deputation) अथवा अल्पकालिक अनुबंध (Short-Term Contract) के आधार पर भरने के लिए रिक्ति विज्ञापन जारी किया था।
विज्ञापन के अनुसार, यह नियुक्ति प्रारंभिक तौर पर एक वर्ष के लिए होगी, जिसे आवश्यकता पड़ने पर आगे बढ़ाया जा सकता है। इस पद के लिए समकक्ष स्तर के अधिकारियों से आवेदन मांगे गए थे। साथ ही कानून (Law) की डिग्री रखने वाले अधिकारियों को प्राथमिकता देने का प्रावधान भी रखा गया था।
संजीव चतुर्वेदी ने खुद किया आवेदन
लोकपाल द्वारा विज्ञापन जारी होने के बाद संजीव चतुर्वेदी ने 26 मई 2026 को उत्तराखंड शासन को पत्र लिखकर अपने आवेदन को नियमानुसार अग्रसारित करने का अनुरोध किया।
उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 है। नियमानुसार आवेदन के साथ NOC, Cadre Clearance, Vigilance Clearance, APAR तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज भी भेजे जाने थे।
अपने पत्र में संजीव चतुर्वेदी ने वर्ष 2020 के एक पुराने विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इससे पहले स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (SSC) से जुड़े एक प्रकरण में उनके आवेदन के प्रेषण को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था।
उनका कहना था कि उस मामले में कथित प्रशासनिक देरी और प्रक्रियागत त्रुटियों को लेकर मामला न्यायालय में भी लंबित है। इसी वजह से उन्होंने इस बार शासन से आग्रह किया कि उनका आवेदन तय समयसीमा के भीतर और सही प्रक्रिया के अनुसार भेजा जाए।
उत्तराखंड शासन ने दी आधिकारिक सहमति
13 जून 2026 को उत्तराखंड शासन के अपर सचिव हिमांशु खुराना द्वारा जारी पत्र में कहा गया कि प्रमुख वन संरक्षक और संबंधित अधिकारियों की संस्तुति के आधार पर संजीव चतुर्वेदी के आवेदन पर राज्य सरकार की सहमति प्रदान की जाती है।
पत्र में विभागीय अधिकारियों को आवश्यक नियमों के तहत आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अब लोकपाल करेगा अंतिम निर्णय
राज्य सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अब पूरा मामला लोकपाल सचिवालय के पास पहुंच चुका है। वहां प्राप्त सभी आवेदनों की जांच, पात्रता परीक्षण और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या संजीव चतुर्वेदी को लोकपाल संस्थान में जॉइंट सेक्रेटरी पद पर प्रतिनियुक्ति मिलती है या नहीं।





