8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर शनिवार को एक दावा तेजी से वायरल हुआ। दावा किया गया कि 8वें वेतन आयोग के लिए 2.64 फिटमेंट फैक्टर लगभग तय हो गया है। इस पोस्ट के वायरल होते ही लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच चर्चा शुरू हो गई कि क्या सरकार ने वेतन वृद्धि का फॉर्मूला तय कर लिया है।
यूजर ने Grok से पूछा, सामने आई असली तस्वीर
वायरल पोस्ट के बाद एक यूजर ने X के AI चैटबॉट Grok से सवाल किया कि आखिर 2.64 फिटमेंट फैक्टर की चर्चा कहां से शुरू हुई और क्या यह आधिकारिक तौर पर तय हो चुका है?

इस पर Grok ने स्पष्ट जवाब देते हुए कहा कि 2.64 फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यह सिर्फ एक अटकल (Speculation) है, जो पिछले वेतन आयोग के रुझानों और कुछ विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर सोशल मीडिया पर फैल रही है।
कहां से शुरू हुई 2.64 फिटमेंट फैक्टर की चर्चा?
Grok के अनुसार, 2.64 फिटमेंट फैक्टर की चर्चा एक वायरल सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुई। इसमें दावा किया गया था कि 8वां वेतन आयोग 2.64 फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश कर सकता है।
हालांकि Grok ने बताया कि यह आंकड़ा नया नहीं है। यह पिछले कुछ महीनों से विभिन्न कर्मचारी संगठनों और विशेषज्ञों की ओर से दिए गए सुझावों में सामने आता रहा है। विशेष रूप से ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन से जुड़े कुछ प्रस्तावों में 2.64 का उल्लेख किया गया था।
आधिकारिक वेबसाइट पर नहीं है कोई जिक्र
Grok ने अपने जवाब में साफ कहा कि 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी दस्तावेजों में 2.64 फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई आधिकारिक उल्लेख नहीं है।
AI चैटबॉट के मुताबिक आयोग अभी विभिन्न पक्षों से सुझाव और परामर्श की प्रक्रिया में है। ऐसे में किसी भी फिटमेंट फैक्टर को अंतिम मान लेना जल्दबाजी होगी।

कर्मचारी संगठन कर रहे हैं ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग
रिपोर्ट्स के अनुसार कई कर्मचारी संगठन 2.64 से अधिक, यानी 2.86 या उससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। ऐसे में अंतिम सिफारिश क्या होगी, यह फिलहाल तय नहीं है।
फिलहाल क्या है निष्कर्ष?
फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा 2.64 फिटमेंट फैक्टर का दावा आधिकारिक नहीं है। न तो केंद्र सरकार और न ही 8वें वेतन आयोग की ओर से इस संबंध में कोई अंतिम घोषणा की गई है। इसलिए कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को अंतिम फैसला मानने के बजाय आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए।





