नई दिल्ली, 21 जून। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने और अंतरिम समझौते के ऐलान के बाद तेल बाजार में राहत देखने को मिली है।
एक समय 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुका कच्चा तेल अब करीब 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। पिछले एक सप्ताह में ही क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 8 प्रतिशत की गिरावट आई है।
हालांकि, कच्चे तेल के सस्ता होने के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तत्काल राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है।
40% तक टूटा कच्चा तेल, बाजार को मिली राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 80.38 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। इसके बावजूद यह स्तर उस समय की तुलना में काफी नीचे है, जब ईरान-अमेरिका तनाव के दौरान कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच हुए समझौते के बाद वैश्विक सप्लाई को लेकर चिंताएं कम हुई हैं। साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सामान्य गतिविधियां बहाल होने की उम्मीद ने भी बाजार को राहत दी है।
फिर क्यों नहीं घट रहे पेट्रोल-डीजल के दाम?
कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद पेट्रोल और डीजल के दामों में तत्काल कटौती नहीं होने वाली है। इसकी सबसे बड़ी वजह तेल कंपनियों के पास मौजूद महंगे कच्चे तेल का स्टॉक है।
जानकारों का कहना है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा हुआ था, तब सरकारी तेल कंपनियों ने लंबे समय तक उपभोक्ताओं पर पूरा बोझ नहीं डाला था। ऐसे में अब कंपनियां पहले अपने नुकसान की भरपाई करना चाहेंगी।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
जानकारों की माने तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती यदि होती भी है तो वह चरणबद्ध तरीके से होगी। पहले एक्साइज ड्यूटी में कटौती और बाद में बढ़ी हुई लागत के कारण सरकार और तेल कंपनियों दोनों पर वित्तीय दबाव बढ़ा है। ऐसे में तत्काल बड़ी राहत की उम्मीद करना सही नहीं होगा। क्रूड ऑयल में गिरावट निश्चित रूप से सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसका असर खुदरा ईंधन कीमतों पर दिखने में समय लगेगा।
पेट्रोलियम मंत्री ने क्या कहा?
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती के सवाल पर कहा कि फिलहाल तेल कंपनियों के पास महंगे दामों पर खरीदा गया कच्चा तेल मौजूद है। उन्होंने संकेत दिए कि जैसे-जैसे कम कीमत वाले कच्चे तेल की नई खेप भारतीय बाजार में पहुंचेगी, वैसे-वैसे ईंधन कीमतों में राहत की संभावना बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं या और नीचे आती हैं, तो आने वाले महीनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुछ राहत देखने को मिल सकती है। हालांकि फिलहाल उपभोक्ताओं को तुरंत कीमत घटने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
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