कोचिंग सेंटर अग्निकांड: 15 छात्रों की दर्दनाक मौत। कई गंभीर घायल  

लखनऊ, 21 जून। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में 15 छात्रों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित पक्ष और विपक्ष के तमाम बड़े नेताओं ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

जानकारी के अनुसार अलीगंज स्थित एक बहुमंजिला इमारत में सोमवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक आग लग गई। इमारत के निचले हिस्से में पेट शॉप और ऊपरी मंजिलों पर कोचिंग व एनिमेशन सेंटर संचालित हो रहा था।

आग इतनी तेजी से फैली कि कई छात्र अंदर ही फंस गए। कुछ छात्रों ने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी, जबकि कई लोग धुएं और आग की चपेट में आ गए।

14 दमकल गाड़ियों ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। 14 दमकल वाहनों और हाइड्रोलिक सीढ़ियों की मदद से घंटों तक राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।

घने धुएं के कारण बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। फायर कर्मियों ने बगल की इमारत की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया और गीले कंबलों के सहारे ऊपरी मंजिलों तक पहुंचकर छात्रों को बाहर निकाला।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि इस भीषण अग्निकांड में 15 बच्चों की मौत हुई है। वहीं चार गंभीर घायलों का इलाज किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। उन्होंने कहा कि घायलों को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है और घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

घटनास्थल पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए और सीधे घटनास्थल तथा अस्पताल पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात कर हालचाल जाना। अस्पताल में भर्ती एक महिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह उसी इमारत में कार्यरत थी और हादसे के दौरान घायल हो गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहुंचे लखनऊ

लखनऊ से सांसद और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी देर शाम लखनऊ पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बाद में अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना।

राजनाथ सिंह ने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

PM, राष्ट्रपति और विपक्षी नेताओं ने जताया शोक

लखनऊ अग्निकांड पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने भी इस दर्दनाक हादसे को बेहद दुखद बताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।

विपक्षी दलों के नेताओं ने भी घटना पर दुख जताते हुए हादसे की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

आग लगने के कारणों की होगी जांच

प्रशासन ने घटना की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक आशंका है कि आग पहली मंजिल से शुरू हुई और धुएं ने पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया।

अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आग कैसे लगी और इस हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है।

देशभर में शोक, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर कोचिंग संस्थानों, व्यावसायिक भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सुरक्षा इंतजाम बेहतर होते तो इतनी बड़ी जनहानि टाली जा सकती थी।

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