देहरादून। उत्तराखंड के चारधाम यात्रा मार्ग, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी समेत कई संवेदनशील धार्मिक और पर्यटन स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले ईमेल मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि धमकी भरा ईमेल उत्तर अफ्रीकी देश मोरक्को से भेजा गया था, जबकि इसे भेजने वाला व्यक्ति अमेरिका (United States) का निवासी बताया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड एसटीएफ, साइबर कमांडो टीम और केंद्रीय एजेंसियां संयुक्त रूप से जांच में जुट गई हैं।
चारधाम यात्रा और वीआईपी स्थलों को बनाया गया निशाना
जानकारी के अनुसार 22 जून को मसूरी एसडीएम कार्यालय की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर एक धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ था। ईमेल में कथित तौर पर खालिस्तान नेशनल आर्मी का नाम इस्तेमाल किया गया था और कई महत्वपूर्ण स्थलों पर विस्फोट करने की धमकी दी गई थी।
धमकी में केदारनाथ, बदरीनाथ, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी नगर पालिका कार्यालय, राज्य के मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री का भी उल्लेख किया गया था। ईमेल में आपत्तिजनक और भड़काऊ भाषा का प्रयोग किया गया था, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं।
एसटीएफ की जांच में सामने आया बड़ा सुराग
उत्तराखंड एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय सिंह ने बताया कि ईमेल की संवेदनशीलता को देखते हुए साइबर कमांडो टीम को तत्काल जांच में लगाया गया। तकनीकी विश्लेषण के दौरान ईमेल की लोकेशन प्रारंभिक तौर पर मोरक्को में ट्रेस की गई।
उन्होंने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि ईमेल भेजने वाला व्यक्ति अमेरिकी नागरिक हो सकता है। हालांकि उसकी पहचान और वास्तविक मंशा को लेकर अभी विस्तृत जांच जारी है।
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मसूरी थाने में दर्ज हुआ मुकदमा
धमकी मिलने के बाद मसूरी नगर पालिका परिषद के अधिशासी अभियंता गौरव भसीन की शिकायत पर 23 जून को मसूरी थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर साइबर और खुफिया एजेंसियों की मदद से जांच शुरू कर दी है।
केंद्रीय एजेंसियों से भी मांगी गई मदद
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों से भी संपर्क किया गया है। ईमेल के स्रोत, तकनीकी नेटवर्क और संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में सोशल मीडिया, ईमेल और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश विरोधी गतिविधियों और धमकी भरे संदेशों के मामलों में वृद्धि हुई है। ऐसे में इस ईमेल को महज शरारत मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से हो रही जांच
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार उत्तराखंड में हाल के दिनों में पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध मॉड्यूल का भी खुलासा हो चुका है। ऐसे में चारधाम यात्रा और प्रमुख धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने वाली किसी भी धमकी को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ईमेल के पीछे कोई संगठित नेटवर्क, आतंकी संगठन या साइबर शरारती तत्व तो सक्रिय नहीं हैं। फिलहाल राज्य के संवेदनशील धार्मिक स्थलों और पर्यटन केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है।





