चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले से शनिवार को एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया है। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-7) पर गौचर और कर्णप्रयाग के बीच पंचपुला के पास एक डंपर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरते हुए सीधे नदी में समा गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
हालांकि देर रात तक वाहन और चालक का कोई सुराग नहीं लग पाया। अंधेरा और नदी के तेज बहाव के कारण सर्च ऑपरेशन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। अब रविवार, 28 जून की सुबह दोबारा रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाएगा।
पंचपुला के पास हुआ हादसा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, डंपर संख्या UK11 CA 2536 कालेश्वर से गौचर की ओर जा रहा था। दोपहर करीब तीन बजे पंचपुला के पास चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया, जिसके बाद डंपर सड़क से नीचे गहरी खाई में गिरकर सीधे नदी में समा गया।
घटना के समय वहां से गुजर रहे लोगों ने डंपर को नदी में गिरते देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस और SDRF
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और SDRF की टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने कई घंटों तक नदी में वाहन और चालक की तलाश की, लेकिन देर रात तक कोई सफलता नहीं मिल सकी।
रेस्क्यू अभियान का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों ने बताया कि अंधेरा बढ़ने और नदी में तेज बहाव के कारण अभियान को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है। रविवार सुबह उजाला होते ही दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।
चालक की पहचान हुई
पुलिस के अनुसार, डंपर चालक की पहचान गिरीश सिंह,निवासी चमोली के रूप में हुई है।
फिलहाल चालक का कोई पता नहीं चल पाया है। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि हादसे के समय डंपर में चालक के अलावा कोई अन्य व्यक्ति सवार था या नहीं।
पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन अनियंत्रित होने के कारण हादसा हुआ, हालांकि तकनीकी खराबी या अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और SDRF तथा पुलिस की संयुक्त टीम रविवार सुबह फिर से नदी में चालक और डंपर की तलाश शुरू करेगी।
पहाड़ों में बरतें सावधानी
मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कें फिसलनभरी और संवेदनशील बनी हुई हैं। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे पर्वतीय मार्गों पर निर्धारित गति सीमा का पालन करें और खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतें।





