देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में होम-स्टे पंजीकरण के नाम पर कथित रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (RRP) ने आरोप लगाया है कि मालसी निवासी मोहम्मद रईस से जिला पर्यटन अधिकारी बृजेंद्र पांडे और पर्यटन विभाग के कर्मचारी फिरोज़ खान ने होम-स्टे का पंजीकरण कराने के एवज में दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई है।
प्रेस वार्ता कर लगाए गंभीर आरोप
राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में पूरे मामले को सार्वजनिक करते हुए राज्य सरकार और पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पार्टी ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
‘किंग क्वीन’ होम-स्टे के पंजीकरण में रिश्वत मांगने का दावा
पार्टी के अनुसार, मोहम्मद रईस ने “किंग क्वीन” नाम से होम-स्टे पंजीकरण के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं, लेकिन लंबे समय तक उनका पंजीकरण नहीं किया गया।
आरोप है कि बाद में जिला पर्यटन अधिकारी ने कथित तौर पर यह कहते हुए रिश्वत की मांग की कि मामले को निपटाने के लिए “ऊपर तक” अधिकारियों को पैसा देना पड़ता है। दावा किया गया कि मोबाइल के कैलकुलेटर पर दो लाख रुपये लिखकर राशि बताई गई।
किश्तों में 1.90 लाख रुपये देने का आरोप
राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने दावा किया कि बाद में पर्यटन विभाग के कर्मचारी फिरोज़ खान निरीक्षण के नाम पर पीड़ित के घर पहुंचे और रिश्वत की मांग दोहराई।
पार्टी का आरोप है कि मोहम्मद रईस ने मजबूरी में अलग-अलग किश्तों में करीब 1.90 लाख रुपये दिए। आरोप यह भी है कि शेष 10 हजार रुपये के लिए भी लगातार दबाव बनाया जाता रहा और पूरी राशि मिलने के बाद ही होम-स्टे से जुड़े दस्तावेज और रजिस्टर उपलब्ध कराए गए।
वीडियो और ऑडियो साक्ष्य होने का दावा
पीड़ित मोहम्मद रईस का दावा है कि रिश्वत मांगने, पैसे लेने और बैठकों से जुड़े वीडियो और ऑडियो साक्ष्य उनके पास सुरक्षित हैं, जिन्हें वह जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रकम वापस मांगने पर उन्हें धमकियां दी गईं।
RRP ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने कहा कि यदि किसी नागरिक को अपना वैध कार्य कराने के लिए लाखों रुपये की रिश्वत देनी पड़े तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और आय से अधिक संपत्ति की जांच कराने की मांग की।
प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि होम-स्टे योजना राज्य में स्वरोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि विभागीय स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप सही साबित होते हैं तो इससे सरकार की योजनाओं की विश्वसनीयता प्रभावित होगी।
राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।





