- देहरादून: जनपद में लगातार हो रही बारिश और संभावित आपदा को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मंगलवार को आपदा कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और सभी विभागों को 24×7 सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानसून के दौरान किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
आपदा कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण
डीएम डॉ. आशीष चौहान ने आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर संचार व्यवस्था, संसाधनों और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपदा संबंधी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय रहे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की सभी विभागों की समीक्षा
इसके बाद एनआईसी सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उप जिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। बैठक में सड़क, पेयजल, बिजली, जलभराव, आपदा प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए।
खोदी गई सड़कें तुरंत ठीक करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के लिए खोदी गई सभी सड़कों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित बनाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विभागीय लापरवाही के कारण कोई दुर्घटना होती है तो संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्था के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
1 जुलाई से 30 सितंबर तक नदियों में खनन पूरी तरह प्रतिबंधित
डीएम ने सभी उप जिलाधिकारियों को स्टोन क्रशरों का सत्यापन करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि मानसून अवधि में कोई भी खनन गतिविधि संचालित न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि 1 जुलाई से 30 सितंबर तक नदियों में खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान खनिज परिवहन करते पाए जाने वाले वाहनों को जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। की
नदी किनारे लगेंगे वार्निंग सायरन और CCTV
जिलाधिकारी ने नदी किनारे स्थित पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर वार्निंग सायरन और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि जलस्तर बढ़ने या आपदा की स्थिति में समय रहते लोगों को सतर्क किया जा सके।
गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली ऐसी गर्भवती महिलाओं, जिनका प्रसव अगले 7 से 10 दिनों में संभावित है, उन्हें पहले से सुरक्षित स्थान या अस्पताल के निकट ठहराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
डेंगू-मलेरिया रोकथाम और स्ट्रीट लाइट पर भी जोर
डीएम ने नगर निगम देहरादून, ऋषिकेश समेत सभी नगर निकायों को नियमित फॉगिंग कराने, खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक करने तथा जहां आवश्यकता हो वहां नई स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए।
3700 परिवार प्रशासन की निगरानी में
जिला प्रशासन ने नदी और नालों के किनारे रहने वाले लोगों का चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम द्वारा 29 संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहां करीब 3700 परिवार और 900 मकान स्थित हैं। प्रशासन इन क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहा है और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी भी की गई है।
मानकों के विपरीत सड़क निर्माण पर होगी कार्रवाई
बैठक में वर्षा के दौरान सड़क निर्माण कार्यों से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मानकों के विपरीत कार्य पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि मानसून के दौरान सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करें।





