देहरादून: उत्तराखंड शासन ने पी.सी. ध्यानी को उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) का नया प्रबंध निदेशक (Managing Director) नियुक्त किया है। शासन के आदेश के बाद उन्होंने बुधवार को विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार संभालते ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता सेवाओं में सुधार, निर्बाध बिजली आपूर्ति, स्मार्ट तकनीकों का विस्तार और बिजली वितरण प्रणाली का आधुनिकीकरण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
चयन प्रक्रिया के बाद मिली जिम्मेदारी
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 1 जुलाई 2026 को आयोजित चयन प्रक्रिया के बाद उत्तराखंड शासन ने पी.सी. ध्यानी को यूपीसीएल का नया प्रबंध निदेशक नियुक्त किया। शासन के आदेश के अनुपालन में उन्होंने आधिकारिक रूप से पदभार ग्रहण किया।
ऊर्जा क्षेत्र का चार दशक का अनुभव
पी.सी. ध्यानी इससे पहले पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) में निदेशक (मानव संसाधन) के पद पर कार्यरत थे। इसके अलावा वे प्रभारी प्रबंध निदेशक, पिटकुल का दायित्व भी संभाल चुके हैं।
उन्होंने वर्ष 1988 में उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद (हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर) से अपने करियर की शुरुआत की थी। वर्ष 2016 से करीब चार वर्षों तक वे यूपीसीएल में निदेशक (मानव संसाधन) के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। लगभग चार दशक के अनुभव के दौरान उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
उपभोक्ता-केंद्रित और आधुनिक यूपीसीएल बनाने का लक्ष्य
कार्यभार ग्रहण करने के बाद पी.सी. ध्यानी ने उत्तराखंड सरकार और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणाम आधारित कार्यशैली के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।
उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता यूपीसीएल को उपभोक्ता-केंद्रित, आधुनिक और लाभ अर्जित करने वाली विद्युत वितरण कंपनी के रूप में स्थापित करना है।
स्मार्ट तकनीक और डिजिटल सेवाओं पर रहेगा जोर
नवनियुक्त प्रबंध निदेशक ने कहा कि राज्य के सभी उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय और निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए वितरण नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। साथ ही स्मार्ट तकनीकों का उपयोग बढ़ाने और डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
बिजली चोरी रोकने और राजस्व बढ़ाने के निर्देश
पी.सी. ध्यानी ने सभी वितरण अधिकारियों को बिजली चोरी पर प्रभावी रोक लगाने, बिलिंग व्यवस्था को अधिक दक्ष बनाने, राजस्व संग्रह बढ़ाने और परिचालन दक्षता में सुधार के लिए ठोस और परिणामकारी कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के जरिए यूपीसीएल की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।





