बड़ी उपलब्धि: मुख्यमंत्री धामी ने जी.सी. पंचोली को ‘विधि-सेवा सम्मान’ से किया सम्मानित। 28 वर्षों की उत्कृष्ट सेवाओं को मिला सम्मान

देहरादून: उत्तराखंड अभियोजन सेवा में लगभग 28 वर्षों तक उत्कृष्ट, निष्ठापूर्ण और निर्भीक सेवाएं देने वाले उप निदेशक अभियोजन जी.सी. पंचोली को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “विधि-सेवा सम्मान” से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने, अपराधियों को सजा दिलाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए […]

देहरादून: उत्तराखंड अभियोजन सेवा में लगभग 28 वर्षों तक उत्कृष्ट, निष्ठापूर्ण और निर्भीक सेवाएं देने वाले उप निदेशक अभियोजन जी.सी. पंचोली को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “विधि-सेवा सम्मान” से सम्मानित किया।

यह सम्मान उन्हें न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने, अपराधियों को सजा दिलाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।

28 वर्षों तक निभाई अहम जिम्मेदारी

वर्ष 1998 से उत्तराखंड अभियोजन सेवा में कार्यरत जी.सी. पंचोली ने अपने लंबे सेवाकाल में सरकारी अधिवक्ता और अभियोजन अधिकारी के रूप में कई महत्वपूर्ण मामलों की प्रभावी पैरवी की। उनका उद्देश्य हमेशा “पीड़ित को न्याय मिले और अपराधी दंडित हों” रहा।

कई चर्चित मामलों में दिलाई दोषसिद्धि

जी.सी. पंचोली ने कथित आईएसआई कमांडर मोहम्मद रफीक सहित कई चर्चित मामलों में प्रभावी पैरवी कर दोषसिद्धि सुनिश्चित की। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिश्वतखोरी और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामलों में भी उन्होंने उल्लेखनीय सफलता हासिल की।

कानूनी जागरूकता अभियान में भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

उन्होंने भ्रूण हत्या के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाने, समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने और नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

पुलिस और अभियोजन अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण

जी.सी. पंचोली ने पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, नरेंद्र नगर में कोर्स डायरेक्टर एवं प्रशिक्षक के रूप में अनेक पुलिस और अभियोजन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। नए आपराधिक कानूनों के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाहों की गवाही को अधिक प्रभावी और सरल बनाने में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई।

विधिक साहित्य में भी दिया महत्वपूर्ण योगदान

जी.सी. पंचोली उत्तराखंड पुलिस अधिनियम तथा उत्तराखंड अभियोजन निदेशालय की पत्रिका के संपादक भी रहे हैं। उनकी धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, जेल मैनुअल और यूसीसी अधिनियम पर आधारित पुस्तकें वर्तमान में प्रकाशन के अंतिम चरण में हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने की सराहना

सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जी.सी. पंचोली के समर्पण, ईमानदारी और न्याय के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनका योगदान उत्तराखंड की अभियोजन सेवा के लिए प्रेरणादायी है।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी जी.सी. पंचोली को युवा अभियोजकों और पुलिस अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके स्वस्थ, सुदीर्घ और सफल जीवन की कामना की।

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