Gold Silver Price Today, 3 July 2026: देश और अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार (3 जुलाई) को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.3 फीसदी की बढ़त के साथ 4,177.31 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया, जो 23 जून के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं गोल्ड फ्यूचर्स (अगस्त डिलीवरी) भी 1.6 फीसदी उछलकर 4,190.70 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखाई दिया।
लगातार पांच सप्ताह की सुस्ती के बाद इस सप्ताह पहली बार सोने में मजबूती देखने को मिली है। सप्ताह के दौरान गोल्ड की कीमतों में करीब 2.2 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
MCX पर सोना और चांदी दोनों में जोरदार उछाल
भारतीय कमोडिटी बाजार MCX में भी सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को मिली। एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स 2,035 रुपये यानी 1.40 फीसदी की बढ़त के साथ 1,47,793 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
वहीं सिल्वर फ्यूचर्स भी 4,026 रुपये यानी 1.76 फीसदी उछलकर 2,33,262 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता नजर आया।
सोने की कीमत बढ़ने की तीन बड़ी वजहें
1. अमेरिका में कमजोर रोजगार आंकड़े
अमेरिका में जून महीने के रोजगार संबंधी आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे। गैर-कृषि क्षेत्र (Non-Farm Payroll) में केवल 57 हजार नई नौकरियां जुड़ीं, जबकि विश्लेषकों ने करीब 1.10 लाख नई नौकरियों का अनुमान लगाया था।
कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में जल्द बढ़ोतरी की संभावना कम हो गई, जिससे सोने की मांग बढ़ी।
2. डॉलर इंडेक्स में कमजोरी
इस सप्ताह अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई। डॉलर कमजोर होने पर अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना खरीदना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है, जिससे इसकी मांग बढ़ती है और कीमतों में तेजी आती है।
3. केंद्रीय बैंकों की बढ़ी खरीदारी
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के कई केंद्रीय बैंकों ने मई महीने में 41 टन अतिरिक्त सोना खरीदा। लगातार बढ़ रही इस खरीदारी ने भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों को मजबूत समर्थन दिया है।
रिकॉर्ड स्तर से अब भी नीचे है सोना
हालांकि मौजूदा तेजी के बावजूद सोना अभी भी इस साल जनवरी के अंत में बने अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से करीब 28 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है। जून महीने में सोने की कीमतों में लगभग 14 फीसदी की गिरावट आई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में तनाव कम होने और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
क्या आगे भी बढ़ सकती हैं कीमतें?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिकी डॉलर में कमजोरी बनी रहती है और फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लेकर नरम रुख अपनाता है, तो आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। निवेशकों की नजर अब वैश्विक आर्थिक संकेतकों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर टिकी हुई है।





