महिला विरोधी है धामी सरकार: न सम्मान राशि, न सुरक्षा, न न्याय – AAP

देहरादून, उत्तराखंड आम आदमी पार्टी प्रदेश अध्यक्षा ने धामी सरकार पर महिलाओं के प्रति संवेदनहीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि भाजपा सरकार न तो महिलाओं को आर्थिक सम्मान दे पा रही है, न सुरक्षा और न ही बेटियों को न्याय। प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया ने बयान जारी कर 4 […]

देहरादून, उत्तराखंड

आम आदमी पार्टी प्रदेश अध्यक्षा ने धामी सरकार पर महिलाओं के प्रति संवेदनहीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि भाजपा सरकार न तो महिलाओं को आर्थिक सम्मान दे पा रही है, न सुरक्षा और न ही बेटियों को न्याय।

प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया ने बयान जारी कर 4 बड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा:

1. महिला सम्मान राशि पर वादा खिलाफी

पंजाब में AAP सरकार द्वारा पंजाब की हर महिला को 1000 रु व हर दलित महिला को 1500 रु प्रतिमाह सम्मान राशि दी जा रही है। जिससे पंजाब की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा सके। पर उत्तराखंड में भाजपा ने चुनाव से पहले महिलाओं से जो वादा किया था, वह सत्ता में आते ही भूल गई।

महंगाई के इस दौर में घर चलाने वाली माताओं-बहनों को धामी सरकार से न तो कोई मदद मिल रही। और ना ही सुरक्षा AAP की मांग है कि तत्काल राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की महिलाओं को ₹1000 प्रतिमाह महिला सम्मान राशि शुरू की जाए।

महिला सुरक्षा पर सरकार फेल

NCRB के आंकड़े बताते हैं कि उत्तराखंड में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। पहाड़ से मैदान तक बेटियां असुरक्षित हैं। पुलिस थानों में सुनवाई नहीं होती, हेल्पलाइन नंबर नहीं उठते। सरकार सिर्फ “बेटी बचाओ” के नारे लगा रही है, जमीन पर काम जीरो है।

पत्रकार वार्ता में अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया ने कहा की,
अंकिता भंडारी हत्याकांड को 3 साल से ज्यादा हो गए हैं परन्तु आज तक VIP के नाम का खुलासा नहीं हुआ। इसके विपरीत अंकिता भंडारी हत्या कांड के सबूत मिटाए गए, तथा बुलडोजर चलाकर जांच प्रभावित की गई।

अंकिता के माता-पिता आज भी इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहे हैं। इससे साफ है कि सरकार बेटियों को न्याय नहीं, VIP को बचाना चाहती है। AAP मांग करती है कि केस की CBI जांच हो और VIP का नाम सार्वजनिक किया जाए।

NEET लीक: उत्तराखंड की बेटी की आत्महत्या पर CM की चुप्पी शर्मनाक

NEET परीक्षा लीक होने के कारण उत्तराखंड की एक होनहार बेटी ने आत्महत्या कर ली। एक परिवार का सपना टूट गया। पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर एक शब्द नहीं बोला।

न पीड़ित परिवार से मिले, न आरोपियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री की ये चुप्पी उनकी सत्ता और संवेदनशीलता दोनों पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है।

उमा गौड़ सिसोदिया ने कहा कि “धामी सरकार महिला विरोधी सरकार है। यहां न महिला को सम्मान मिलता है, न सुरक्षा और न न्याय। बेटियों के साथ अन्याय पर CM चुप रहते हैं। उत्तराखंड की मातृशक्ति भाजपा को माफ नहीं करेगी।”

AAP की प्रमुख मांगें:

1. पंजाब की तर्ज पर उत्तराखंड में भी ₹1000 प्रतिमाह महिला सम्मान राशि तत्काल शुरू हो।
2. अंकिता भंडारी केस में VIP का नाम उजागर कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में 6 माह में सुनवाई पूरी हो।
3. NEET लीक के दोषियों को गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को ₹50 लाख मुआवजा व सरकारी नौकरी दी जाए।
4. हर जिले में महिला सुरक्षा के लिए “कमांड सेंटर” बने और 112 हेल्पलाइन का रिस्पॉन्स टाइम 10 मिनट तय हो।

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