देहरादून। उत्तराखंड में अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए चर्चित वन विभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी (एसडीओ) राजीव नयन नौटियाल को उत्तराखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है।
हाईकोर्ट ने उनके निलंबन (Suspension) आदेश को निरस्त करते हुए उन्हें महत्वपूर्ण कानूनी राहत प्रदान की है। इस फैसले के बाद वन विभाग, प्रशासनिक गलियारों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों के बीच नई चर्चा शुरू हो गई है।
राजीव नयन नौटियाल लंबे समय से वन क्षेत्रों में अवैध खनन के खिलाफ लगातार अभियान चलाने वाले अधिकारियों में गिने जाते रहे हैं। उनके कार्यकाल के दौरान कई स्थानों पर अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इसी बीच उन्हें निलंबित किए जाने के बाद मामला काफी चर्चा में रहा और उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने निलंबन आदेश को निरस्त कर दिया। कोर्ट के इस फैसले को न केवल राजीव नयन नौटियाल के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, बल्कि इसे प्रशासनिक निर्णयों की न्यायिक समीक्षा के एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में भी देखा जा रहा है।
वन विभाग से जुड़े जानकारों का मानना है कि यह फैसला उन अधिकारियों के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश है, जो अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए संवेदनशील मामलों में कार्रवाई करते हैं। वहीं, पर्यावरण संरक्षण और अवैध खनन के खिलाफ काम करने वाले लोगों ने भी इस निर्णय को सकारात्मक बताया है।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार और वन विभाग आगे क्या कदम उठाते हैं। विभागीय स्तर पर न्यायालय के आदेश के अनुरूप आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।





