देहरादून: राजधानी देहरादून के सुनियोजित और दीर्घकालिक विकास के उद्देश्य से तैयार की जा रही देहरादून महायोजना-2041 के तहत मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) की ओर से जनसुनवाई अभियान लगातार जारी है। अभियान के चौथे दिन नगर निगम परिसर में सेक्टर-04 के नागरिकों, भू-स्वामियों, सामाजिक संगठनों और अन्य हितधारकों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर महायोजना से जुड़े अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं।
भू-उपयोग से लेकर यातायात व्यवस्था तक मिले महत्वपूर्ण सुझाव
जनसुनवाई के दौरान लोगों ने भू-उपयोग (Land Use), सड़क नेटवर्क, यातायात प्रबंधन, हरित क्षेत्रों के संरक्षण, सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार, आवासीय एवं व्यावसायिक गतिविधियों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे। नागरिकों ने शहर के संतुलित विकास, पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सुझाव प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए।
एमडीडीए अधिकारियों ने सभी सुझावों और आपत्तियों को दर्ज करते हुए भरोसा दिलाया कि प्रत्येक बिंदु का तकनीकी और विधिक परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण के बाद जो सुझाव व्यवहारिक और नियमानुकूल पाए जाएंगे, उन्हें महायोजना-2041 में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
6 से 21 जुलाई तक चल रहा है जनसुनवाई अभियान
एमडीडीए द्वारा 6 जुलाई से 21 जुलाई तक देहरादून महायोजना-2041 के अंतर्गत शहर के सभी 12 सेक्टरों में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना और शहर के विकास की रूपरेखा तैयार करने में आम जनता की राय को शामिल करना है।
इसी क्रम में 10 जुलाई को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में सेक्टर-05 के लिए जनसुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा। संबंधित क्षेत्र के नागरिकों, भू-स्वामियों और अन्य हितधारकों से इसमें अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई है।
महायोजना केवल दस्तावेज नहीं, भविष्य का विजन: बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना-2041 केवल भूमि उपयोग का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह शहर के भविष्य के विकास का विजन डॉक्यूमेंट है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के बिना किसी भी महायोजना को प्रभावी रूप से लागू नहीं किया जा सकता। इसलिए नागरिकों के सुझाव और आपत्तियां इस योजना को अधिक व्यावहारिक, संतुलित और जनहितैषी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जनसुनवाई में सक्रिय भागीदारी करें और अपने क्षेत्र के विकास से जुड़े सुझाव प्रशासन तक पहुंचाएं, ताकि भविष्य का देहरादून अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित हो सके।





