पुरोला, 16 जुलाई 2026। नीरज उत्तराखंडी
सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के दावों के बीच उत्तरकाशी जनपद के पुरोला विकासखंड के घुंडाड़ा गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गांव की वृद्ध महिला चंद्री देवी, पत्नी स्व. जतनी लाल, आज भी वृद्धावस्था पेंशन, बिजली और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है।
वृद्धावस्था में अकेले जीवन व्यतीत कर रही चंद्री देवी ने बताया कि उनके पति और एक पुत्र का निधन हो चुका है। परिवार का कोई सहारा नहीं होने के कारण वह अत्यंत कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजार रही हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले करीब छह माह से उन्हें वृद्धावस्था पेंशन भी प्राप्त नहीं हुई, जिससे दैनिक जरूरतों की पूर्ति करना भी मुश्किल हो गया है।
महिला ने बताया कि उनके घर तक आज तक बिजली का कनेक्शन नहीं पहुंच पाया है। शाम ढलते ही पूरा घर अंधेरे में डूब जाता है और उन्हें दीपक या अन्य अस्थायी साधनों के सहारे रात बितानी पड़ती है।
वहीं, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ नहीं मिलने के कारण आज भी उन्हें जंगल से लकड़ी लाकर पारंपरिक चूल्हे पर भोजन बनाना पड़ता है, जिससे धुएं के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी बनी रहती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार गरीब, निराश्रित और वृद्ध लोगों के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है, लेकिन पात्र लोगों तक इनका लाभ समय पर नहीं पहुंच रहा है।
उनका आरोप है कि यदि समय-समय पर विभागीय स्तर पर पात्र लाभार्थियों का सत्यापन और निगरानी होती, तो चंद्री देवी जैसी स्थिति पैदा नहीं होती।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वृद्ध महिला को तत्काल वृद्धावस्था पेंशन बहाल कर नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उनके घर तक बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस कनेक्शन भी दिया जाए, ताकि उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल सके।
मामले की जानकारी मिलने पर उपजिलाधिकारी, पुरोला मुकेश रमोला ने संवेदनशीलता दिखाते हुए संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। एसडीएम ने समाज कल्याण, ऊर्जा एवं संबंधित विभागों से महिला की पात्रता की जांच कर आवश्यक सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा है।
यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि जिन योजनाओं का उद्देश्य समाज के सबसे कमजोर और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक राहत पहुंचाना है, यदि उन्हीं तक योजनाओं का लाभ समय पर नहीं पहुंच रहा है तो जमीनी स्तर पर व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। प्रशासन की त्वरित पहल से अब स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि चंद्री देवी को शीघ्र सभी आवश्यक सरकारी सुविधाएं मिल सकेंगी।





