चमोली: गिरीश चंदोला
उत्तराखंड के चमोली जिले से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। थराली थाना क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी के साथ कथित दुष्कर्म का मामला उजागर हुआ है। किशोरी के लंबे समय से पेट दर्द की शिकायत के बाद कराई गई चिकित्सकीय जांच में उसके 26 सप्ताह की गर्भवती होने का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल पुरसाड़ी भेज दिया गया।
पेट दर्द की शिकायत के बाद खुला सनसनीखेज राज
पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई को एक व्यक्ति ने थाना थराली में सूचना दी कि उसकी नाबालिग पुत्री लंबे समय से पेट दर्द से परेशान थी। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां अल्ट्रासाउंड और अन्य चिकित्सकीय जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि किशोरी लगभग 26 सप्ताह की गर्भवती है। इस खुलासे के बाद परिजनों और पुलिस के होश उड़ गए।
पीड़िता ने लगाया दुष्कर्म और धमकी का आरोप
पुलिस पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि मल्ला मुंदोली, विकासखंड देवाल निवासी अजय कुनियाल ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता का आरोप है कि घटना के बारे में किसी को बताने पर आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी।
पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
पीड़िता की शिकायत के आधार पर थाना थराली में मुकदमा संख्या 22/2026 दर्ज किया गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(1) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(j)/6 के तहत मामला पंजीकृत किया गया है।
एसपी के निर्देश पर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। एसपी ने स्पष्ट कहा कि नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
एसपी के निर्देश पर थाना थराली पुलिस ने विशेष टीम गठित कर अभियान चलाया और 22 जुलाई को आरोपी अजय कुनियाल को गिरफ्तार कर लिया।
न्यायालय ने भेजा न्यायिक हिरासत में
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जिला जेल पुरसाड़ी भेजने के आदेश दिए।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विवेचना जारी है। घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। यदि जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।






