देश की पहली ऑल-इन-वन किसान-केंद्रित मोबाइल एप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का सीएम धामी ने किया शुभारंभ

कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ लोकार्पण देहरादून, 4 सितंबर 2026। उत्तराखंड के किसानों को आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल सेवाओं से जोड़ने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल हुई। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में किसानों के लिए विकसित ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ […]

  • कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ लोकार्पण

देहरादून, 4 सितंबर 2026।

उत्तराखंड के किसानों को आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल सेवाओं से जोड़ने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल हुई। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में किसानों के लिए विकसित ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ मोबाइल एप का शुभारंभ किया।

मनोरमा डबराल जन कल्याण समिति द्वारा विकसित यह मोबाइल एप किसानों की खेती से जुड़ी विभिन्न आवश्यकताओं और सेवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। संस्था के अनुसार, ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ देश में अपनी तरह का पहला और अनूठा किसान-केंद्रित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे किसानों के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।

देश की पहली ऑल-इन-वन किसान एप- ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि किसानों की खेती से जुड़ी लगभग सभी महत्वपूर्ण आवश्यकताओं और सुविधाओं को एक ही एप में एकीकृत करने का प्रयास किया गया है। यानी किसान को अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग-अलग एप्लीकेशन पर निर्भर रहने की आवश्यकता न पड़े और उसे खेत से लेकर बाजार तक जरूरी डिजिटल सहयोग एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल सके।

इस एप में रियल टाइम मौसम की जानकारी एवं मौसम अलर्ट, फसल-विशिष्ट कृषि सलाह, AI आधारित फसल रोग पहचान, कृषि एवं बाजार संबंधी जानकारी, बाजार से सीधा जुड़ाव, परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स जैसी सुविधाओं को एक साथ जोड़ा गया है।

संस्था का उद्देश्य इसे केवल जानकारी देने वाला मोबाइल एप नहीं, बल्कि किसान के लिए एक व्यापक ‘ऑल-इन-वन डिजिटल प्लेटफॉर्म’ के रूप में विकसित करना है, जो कृषि उत्पादन से लेकर उपज के बाजार तक पहुंचने की प्रक्रिया में किसानों को तकनीकी सहयोग उपलब्ध करा सके।

10–11 माह के शोध और फील्ड स्टडी के बाद तैयार हुआ एप

‘मनोरमा कृषि रक्षक’ को तैयार करने में लगभग 10 से 11 माह का गहन शोध, फील्ड अध्ययन और कृषि विशेषज्ञों के सुझाव शामिल रहे हैं।
संस्था का कहना है कि किसानों के साथ लंबे समय तक जमीनी स्तर पर काम करने के दौरान सामने आई कृषि क्षेत्र की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस एप की परिकल्पना की गई और इसे तकनीकी टीम के सहयोग से विकसित किया गया।

AI, मौसम, फसल सलाह और बाजार सब एक जगह

‘मनोरमा कृषि रक्षक’ के माध्यम से किसानों को रियल टाइम मौसम की जानकारी एवं अलर्ट ,फसल-विशिष्ट कृषि सलाह , AI आधारित फसल रोग पहचान , कृषि एवं बाजार की जानकारी , बाजार से सीधे जुड़ाव ,परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स संबंधी सुविधाएं , उपज के लिए बेहतर बाजार तक पहुंच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
इसके साथ ही स्वयं सहायता समूहों और छोटे ग्रामीण उद्यमों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा उन्हें देश और विदेश के बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में भी यह प्लेटफॉर्म उपयोगी हो सकता है।

उत्तराखंड से देश के किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य

संस्था का मानना है कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में कृषि और तकनीक का समन्वय किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर पैदा करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

‘मनोरमा कृषि रक्षक’ को उत्तराखंड तक सीमित न रखते हुए भविष्य में देशभर के किसानों एवं ग्रामीण समुदायों के लिए उपयोगी मॉडल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अवसर पर मनोरमा डबराल जन कल्याण समिति की संस्थापक श्रीमती कमला डबराल, सह-संस्थापक श्री राजेश डबराल, टेक्निकल हेड श्री अंशुल, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता श्री प्रांजल नौडियाल एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री सुरवीर सिंह कठैत उपस्थित रहे।

माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने इस एप्लीकेशन को किसानो एवम् स्वयं सहायता समूहों के लिए बहुत उपयोगी बताया और संस्था को शुभकामनाए दी. साथ ही माननीय कृषि मंत्री जी ने प्रदेश की विभिन्न कृषि मंडियों को भी एप के माध्यम से एकीकृत करने का महत्वपूर्ण सुझाव दिया. समिति के सह-संस्थापक श्री राजेश डबराल ने कहा कि, “मनोरमा कृषि रक्षक केवल एक मोबाइल एप नहीं, बल्कि किसानों को तकनीक, AI, मौसम, कृषि सलाह और बाजार से जोड़ने की एक समग्र पहल है। हमारा प्रयास है कि किसान को उसकी जरूरत की अधिकतम डिजिटल सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हों। उत्तराखंड की धरती से शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में देशभर के किसानों के लिए उपयोगी मॉडल बने, यही हमारा लक्ष्य है।”

किसानों के डिजिटल भविष्य की ओर उत्तराखंड का कदम

‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का शुभारंभ कृषि, तकनीक, AI और बाजार को एक साथ जोड़ने की दिशा में उत्तराखंड की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। संस्था का लक्ष्य इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को लगातार विकसित करते हुए अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाना और उन्हें आधुनिक तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाना है।
मनोरमा डबराल जन कल्याण समिति का यह प्रयास प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के संकल्प की दिशा में तकनीक आधारित एक पहल के रूप में आगे बढ़ रहा है।

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