- तालुका-ओसला निर्माणाधीन मोटर मार्ग कई जगह ध्वस्त, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन; सड़क पर जेसीबी तैनाती और तत्काल मरम्मत की मांग
पुरोला, 24 जुलाई।नीरज उत्तराखंडी
हरकीदून क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तालुका-ओसला निर्माणाधीन मोटर मार्ग कई स्थानों पर ध्वस्त हो गया है, जिससे ओसला, गंगाड़, डाटमीर, पवाणी सहित पांच गांवों की आवाजाही संकट में पड़ गई है। सड़क धंसने, पहाड़ियों से लगातार मलबा और विशाल बोल्डर गिरने तथा उफनते बरसाती नालों के कारण ग्रामीणों के लिए आवागमन जान जोखिम में डालकर करना पड़ रहा है।
बृहस्पतिवार को ओसला के ग्राम प्रधान बृजमोहन लाल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी मुकेश रमोला को ज्ञापन सौंपकर तत्काल सड़क सुचारु कराने, जेसीबी मशीन तैनात करने तथा संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि सांकरी-तालुका मार्ग पर हलारा और घीया गाड़ बरसाती उफान पर हैं, जबकि तालुका से आगे निर्माणाधीन मोटर मार्ग पर कई स्थानों पर भारी मलबा जमा है। जगह-जगह सड़क धंस चुकी है और पहाड़ियों से लगातार बोल्डर गिर रहे हैं, जिससे मार्ग बेहद खतरनाक हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। सड़क बाधित होने से गांवों तक खाद्यान्न, दवाइयां, रसोई गैस, दैनिक उपयोग की सामग्री और अन्य आवश्यक सामान नहीं पहुंच पा रहा है। इससे दूरस्थ गांवों के लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।
सोमेश्वर महाराज मेले की तैयारियों पर भी संकट
ग्रामीणों ने प्रशासन का ध्यान इस ओर भी दिलाया कि आगामी एक अगस्त से बड़ासू पट्टी क्षेत्र के आराध्य देव सोमेश्वर महाराज का पारंपरिक मेला शुरू होना है। मेले के आयोजन के लिए आवश्यक राशन, पूजन सामग्री और अन्य जरूरी सामान समय पर गांवों तक नहीं पहुंच पाने की आशंका बनी हुई है। इससे स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है।
ग्रामीणों ने मांग की कि मार्ग को तत्काल यातायात के लिए खोला जाए, लगातार जेसीबी मशीनें तैनात रखी जाएं तथा भूस्खलन संभावित स्थलों पर स्थायी सुरक्षा इंतजाम किए जाएं ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
ज्ञापन पर ग्राम प्रधान बृजमोहन लाल के अलावा मीनाक्षी राणा, जगतिमां पंवार, बबीता रावत, रमेश मलाठा, विजय राणा, रमेश चौहान, दीपक राणा, त्रेपन दास, दीपक रावत, गोविंद राणा, प्रेम चौहान, विशन लाल, रणदेव राणा सहित अनेक ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।






