हादसा: शिप्रा नदी में नहाते समय राजस्थान के पर्यटक की डूबने से मौत

ब्रेकिंग न्यूज़(कमल जगाती, नैनीताल):-उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंचीधाम के पास एक दर्दनाक हादसा हो गया। शिप्रा नदी में नहाते समय राजस्थान के 21 वर्षीय पर्यटक की डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर युवक को नदी से बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल ले […]

ब्रेकिंग न्यूज़(कमल जगाती, नैनीताल):-उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंचीधाम के पास एक दर्दनाक हादसा हो गया। शिप्रा नदी में नहाते समय राजस्थान के 21 वर्षीय पर्यटक की डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर युवक को नदी से बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल ले जाने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

कैंचीधाम से कुछ किलोमीटर दूर हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, यह हादसा कैंचीधाम आश्रम से कुछ किलोमीटर दूर रामगढ़ क्षेत्र में शिप्रा नदी में हुआ। कुछ पर्यटक सुहावने मौसम का आनंद लेने के लिए नदी किनारे पहुंचे थे। इसी दौरान राजस्थान निवासी प्रिंस (21 वर्ष) अपने साथियों के साथ नदी में नहाने और तैरने के लिए उतर गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तैरते समय अचानक वह गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव में डूबने लगा। साथियों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

एसडीआरएफ ने चलाया रेस्क्यू अभियान

घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नदी में खोजबीन शुरू की गई। काफी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने युवक को गहरे पानी से बाहर निकाला।

एसडीआरएफ कर्मियों ने मौके पर ही उसे कृत्रिम ऑक्सीजन देकर बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी रही। बाद में उसे अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

परिजनों को दी गई सूचना

पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन की ओर से शव को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया।

रेस्क्यू अभियान में एसडीआरएफ के पुष्कर जीना, अमित टम्टा, गणेश मेहरा, विपुल भट्ट, कमल जोशी और विक्रम सिंह सहित नैनीताल जिला पुलिस और स्थानीय लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बरसात के मौसम में पहाड़ी नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है और कई स्थानों पर गहराई और तेज बहाव का सही अनुमान लगाना मुश्किल होता है। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी और झरनों में उतरते समय विशेष सावधानी बरतें और प्रतिबंधित या जोखिम वाले स्थानों पर स्नान न करें।

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