देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मौसम विभाग के भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है।
18 अगस्त 2026 को देहरादून जिले में कक्षा 1 से 12 तक के सभी शैक्षणिक संस्थान और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।
इस संबंध में जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण देहरादून डॉ. आशीष चौहान ने आदेश जारी कर दिया है।
जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), देहरादून और एनडीएमए के इनपुट के साथ नेशनल डिजास्टर अलर्ट पोर्टल पर जारी मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
18 अगस्त को देहरादून में ऑरेंज अलर्ट
जिला प्रशासन के आदेश में बताया गया है कि 18 अगस्त 2026 के मध्याह्न तक देहरादून जिले में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की आशंका जताई गई है।
मौसम की इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन का कहना है कि खराब मौसम के कारण जिले में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घटित हो सकती है।
स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन की छुट्टी
आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत देहरादून जिले में संचालित कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, गैर सरकारी और निजी विद्यालयों को 18 अगस्त को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
इसके साथ ही जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी 18 अगस्त 2026 को बंद रहेंगे।
जिला प्रशासन ने इसे एक दिन का अवकाश घोषित किया है। संबंधित विभागों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून और जिला कार्यक्रम अधिकारी देहरादून को निर्देशित किया है कि जिले के सभी संबंधित शैक्षणिक संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जारी आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
प्रशासन ने मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश भी दिए हैं।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
भारी बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए लोगों से अनावश्यक रूप से संवेदनशील और नदी-नालों वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की गई है।
प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा है।



