देहरादून, 21 अगस्त। नीरज उत्तराखंडी
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत देहरादून जिले में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक 11,90,805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर ली गई है।
वहीं, वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज विवरण में विसंगति मिलने अथवा आवश्यक विवरण उपलब्ध नहीं कराने पर 5,47,617 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।
इनमें से 3,95,772 मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि 1,52,170 मामलों की सुनवाई जारी है।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शुक्रवार को ऋषिपर्णा सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ बैठक कर एसआईआर की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने राजनीतिक दलों से अभियान को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से पूरा कराने में सहयोग की अपील की।
प्रारूप-6 में 39 हजार से अधिक आवेदन
जिलाधिकारी ने बताया कि 21 अगस्त तक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए प्रारूप-6 में 39,025 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं, मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए प्रारूप-7 में 10,235 दावे एवं आपत्तियां तथा मतदाता विवरण में संशोधन के लिए प्रारूप-8 में 10,718 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारूप-7 के तहत प्राप्त प्रत्येक आपत्ति पर संबंधित बीएलओ द्वारा संबंधित व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नोटिस तामील कराया जाएगा। नोटिस मिलने के सात दिन बाद सुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा। इन बूथवार शिविरों में संबंधित मतदाता और आपत्तिकर्ता, दोनों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा।
यूपी-उत्तराखंड में दर्ज 96,187 मतदाताओं का होगा सत्यापन
एसआईआर के दौरान जिले में 96,187 ऐसे मतदाता चिन्हित किए गए हैं, जिनका नाम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों की मतदाता सूचियों में दर्ज है। ऐसे डीएसई (डुप्लीकेट/संदिग्ध रूप से एक से अधिक स्थान पर दर्ज) मतदाताओं को एक राज्य की मतदाता सूची चुनने का अवसर दिया जाएगा।
बीएलओ घर-घर जाकर संबंधित मतदाताओं को इसकी जानकारी देंगे और उनकी स्वेच्छा के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बीएलए के माध्यम से सहयोग की अपील
जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि जिन नागरिकों को एसआईआर के तहत नोटिस दिए जा रहे हैं, उन्हें उनके बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के माध्यम से संबंधित बूथ तक पहुंचने में सहयोग किया जाए, ताकि सभी दावों और आपत्तियों का निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से निस्तारण हो सके।
उन्होंने चेतावनी दी कि प्रारूप-7 में मिथ्या घोषणा प्रस्तुत करने वालों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, संयुक्त मजिस्ट्रेट डॉ. हर्षिता, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद देवली समेत भाजपा के अरविंद जैन, बसपा के सतेन्द्र सिंह, कांग्रेस के डॉ. जसविंदर सिंह, आम आदमी पार्टी के अशोक सेमवाल, कमल राणा तथा वर्चुअल माध्यम से विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मौजूद रहे।


