बड़ी खबर : हर घर नल-जल का सपना अधूरा, दूर से पानी ढोने को मजबूर ग्रामीण

मोरी, उत्तरकाशी।23 अगस्त 2026,नीरज उत्तराखंडी देवजानी और कुमणाई गांव में जल जीवन मिशन के दावों पर उठे सवाल जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल से पानी पहुंचाने के सरकारी दावों के बीच मोरी विकासखंड के देवजानी और कुमणाई गांव के ग्रामीण आज भी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। गांवों में पर्याप्त […]

मोरी, उत्तरकाशी।23 अगस्त 2026,नीरज उत्तराखंडी

  • देवजानी और कुमणाई गांव में जल जीवन मिशन के दावों पर उठे सवाल

जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल से पानी पहुंचाने के सरकारी दावों के बीच मोरी विकासखंड के देवजानी और कुमणाई गांव के ग्रामीण आज भी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।

गांवों में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं होने के कारण महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज के प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि हर घर नल-जल योजना के तहत कागजों में कार्य पूरा होने या प्रगति दिखाए जाने के बावजूद धरातल पर अपेक्षित सुविधा नहीं पहुंची है।

उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने और समस्या से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ।

पानी के लिए रोजाना संघर्ष

ग्रामीणों के अनुसार पेयजल की व्यवस्था सुचारु नहीं होने से महिलाओं को रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलकर पानी लाना पड़ता है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भी पानी की जरूरत पूरी करने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। गर्मी के दिनों में जलस्रोतों में पानी कम होने पर संकट और गहरा जाता है।

ग्रामीणों ने उठाए योजना की कार्यप्रणाली पर सवाल

ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि सरकार की योजना के तहत गांवों में हर घर तक नल पहुंचाने का दावा किया जा रहा है तो फिर उन्हें आज भी दूर से पानी क्यों ढोना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने योजना के तहत स्वीकृत धनराशि, निर्माण कार्य की स्थिति और वास्तविक लाभार्थियों की जांच कराने की मांग की है।

उनका कहना है कि यदि योजना का कार्य अधूरा है तो उसे जल्द पूरा किया जाए और यदि अभिलेखों में कार्य पूर्ण दर्शाया गया है तो इसकी स्थलीय जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।

कई बार शिकायत, नहीं मिला समाधान

देवजानी गांव के ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पेयजल समस्या को लेकर कई बार शिकायत की, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों के मुताबिक उन्हें हर बार आश्वासन तो मिला, लेकिन घरों तक नियमित पेयजल सुविधा नहीं पहुंची।

बड़ा सवाल—जिम्मेदार कौन?

ग्रामीणों की समस्या ने जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि योजना का कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ है तो गांवों में पेयजल सुविधा क्यों नहीं पहुंची? और यदि कार्य अधूरा है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है—कार्यदायी संस्था, ठेकेदार या संबंधित विभाग के अधिकारियों की?

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से देवजानी और कुमणाई गांव में जल जीवन मिशन के कार्यों की निष्पक्ष जांच, स्थलीय सत्यापन और गुणवत्ता परीक्षण कराने के साथ जल्द से जल्द हर घर तक नियमित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।

इस संबंध में जब विभागीय अधिकारियों से उनका पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। सम्पर्क स्थापित होने पर विभागीय पक्ष को खबर में सम्मिलित किया जायेगा ।

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