टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के टिहरी जिले में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने बुधवार को दोणी स्थित राजकीय हाई स्कूल और राजकीय प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। अचानक स्कूल पहुंचे एडीएम ने विद्यालयों की व्यवस्थाओं, अभिलेखों और विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर की बारीकी से जांच की।
निरिक्षण के दौरान दो शिक्षक अनुपस्थित मिले। एक शिक्षक बिना सूचना के अवकाश पर पाया गया, जबकि एक अन्य शिक्षक के राजकीय कार्य से घनसाली जाने की जानकारी सामने आई।
हालांकि, कुछ समय बाद दोनों शिक्षक विद्यालय पहुंच गए। शिक्षकों की इस तरह की अनुपस्थिति और पूर्व सूचना नहीं देने पर अपर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और दोनों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
हाई स्कूल दोणी में अभिलेखों की जांच
औचक निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने राजकीय हाई स्कूल दोणी पहुंचकर विद्यालय के विभिन्न अभिलेखों की जांच की। उन्होंने उपस्थिति पंजिका, प्रवेश एवं नामांकन पंजिका, छात्र-छात्रा उपस्थिति पंजिका, शिक्षक उपस्थिति पंजिका और अवकाश पंजिका समेत अन्य जरूरी दस्तावेजों का निरीक्षण किया।
विद्यालय की व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए एडीएम ने शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया।
कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से पूछे सवाल
निरीक्षण के दौरान एडीएम ने केवल विद्यालय के रिकॉर्ड तक ही अपनी जांच सीमित नहीं रखी, बल्कि विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद भी किया।
उन्होंने बच्चों से विषयवार सवाल पूछे और उनके सीखने, समझने तथा शैक्षणिक स्तर का आकलन किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की पढ़ाई से जुड़ी जानकारी ली और यह जानने का प्रयास किया कि बच्चे कक्षा के अनुरूप विषयों को कितना समझ पा रहे हैं।
एडीएम ने शिक्षकों से विद्यार्थियों की प्रगति के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से कमजोर विद्यार्थियों को चिन्हित कर उनकी पढ़ाई में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में पूछा।
राजकीय हाई स्कूल में प्रधानाचार्य का पद खाली
औचक निरीक्षण के दौरान राजकीय हाई स्कूल दोणी में प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त पाया गया। विद्यालय में प्रधानाचार्य का पद लंबे समय से खाली होने की स्थिति को देखते हुए एडीएम ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि रिक्त पद को भरने के लिए आवश्यक पत्रावली तैयार कर संबंधित विभाग को भेजी जाए, ताकि विद्यालय के प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके।


