रिपोर्ट/गिरीश चंदोला
चमोली शिक्षक दिवस पर जब बच्चे स्कूल में शिक्षक दिवस मनाने की उम्मीद लेकर पहुंचे, तो स्कूल में शिक्षक ही नहीं मिले। मामला चमोली के ज्योर्तिमठ विकासखंड के राजकीय जूनियर हाईस्कूल भलागांव का है।
विद्यालय में तैनात दो शिक्षकों के अनुपस्थित मिलने पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शिक्षिका रेनू डंगवाल को निलंबित कर दिया गया है, जबकि प्रभारी प्रधानाध्यापक देवेंद्र लाल के संबंध में तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी गई है।
5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस के मौके पर राजकीय जूनियर हाईस्कूल भलागांव में शिक्षण व्यवस्था ठप रही। विद्यालय में दो शिक्षक तैनात हैं, लेकिन दोनों ही अनुपस्थित पाए गए। स्कूल पहुंचे बच्चों को उम्मीद थी कि शिक्षक दिवस पर विद्यालय में कार्यक्रम होगा और शिक्षक उन्हें पढ़ाएंगे, लेकिन शिक्षक नहीं मिले।
मामले में जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक पंकज उप्रेती ने बताया कि शिक्षिका रेनू डंगवाल के विद्यालय में अनुपस्थित पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया गया है।
वहीं, विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक देवेंद्र लाल के बारे में विभाग को जानकारी मिली है कि वह जनगणना ड्यूटी में गए थे।
इस संबंध में तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी गई है कि देवेंद्र लाल वास्तव में जनगणना ड्यूटी पर गए थे या नहीं और उन्होंने ड्यूटी की थी या नहीं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि विद्यालय में तैनात दोनों शिक्षक एक ही दिन विद्यालय से अनुपस्थित कैसे रहे और इसकी जानकारी समय रहते उच्च अधिकारियों तक क्यों नहीं पहुंची।
ग्रामीणों और महिला मंगल दल की महिलाओं ने शिक्षकों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई। महिला मंगल दल की अध्यक्ष अंजना भट्ट ने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पहले ही शिक्षा व्यवस्था चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे में शिक्षकों की अनुपस्थिति बच्चों के भविष्य पर सीधा असर डालती है।
कक्षा छह की छात्रा गुंजन भट्ट ने बताया कि स्कूल में कभी एक तो कभी दूसरा शिक्षक आता है। बच्चों को अपने पाठ्यक्रम के विषयों तक की पूरी जानकारी नहीं है।
शिक्षक दिवस के दिन सामने आई यह तस्वीर पर्वतीय क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े करती है। अभिभावक लज्जू देवी, रौशनी देवी, गुड्डी देवी, पुष्पा देवी, सुमन देवी और रीता देवी समेत ग्रामीणों ने विद्यालय में नियमित शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है।


