देहरादून, सितंबर 2026: देहरादून में बिना पंजीकरण संचालित शिक्षण संस्थानों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार को प्रशासन की टीम ने आजाद कॉलोनी और मेहूंवाला माफी क्षेत्र में संचालित मदरसों का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान आजाद कॉलोनी स्थित एक मदरसा बिना पंजीकरण के संचालित पाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने उसे तत्काल सील कर दिया। वहीं, दो अन्य मदरसों में शिक्षण कार्य संचालित नहीं मिला। इन दोनों के संचालकों से बिना वैध पंजीकरण के संस्थान संचालित नहीं करने का लिखित शपथ-पत्र लिया गया।
125 बच्चों की पढ़ाई, लेकिन पंजीकरण प्रमाण-पत्र नहीं मिला
जिला प्रशासन की टीम में उप जिलाधिकारी सदर, खंड शिक्षा अधिकारी रायपुर और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शामिल रहे। टीम ने शनिवार को आईएसबीटी के समीप आजाद कॉलोनी स्थित मदरसा जामिया-तुस-सलाम अल-इस्लामिया का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मदरसे में करीब 125 बच्चे अध्ययनरत पाए गए। प्रशासन की टीम ने जब मदरसे का पंजीकरण प्रमाण-पत्र मांगा तो मौके पर ऐसा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। मदरसे के संचालक मुफ्ती रईस भी मौके पर मौजूद नहीं थे। उनके भाई मौके पर उपस्थित थे, लेकिन वह भी मदरसे के पंजीकरण से संबंधित कोई प्रमाण-पत्र नहीं दिखा सके।
पंजीकरण के अभाव में जिला प्रशासन की टीम ने मदरसे को तत्काल सील कर दिया।
दूसरे मदरसे में बच्चे नहीं मिले, संचालक से लिया अंडरटेकिंग
इसके बाद प्रशासन की टीम ने इसी क्षेत्र में स्थित मदरसा दार-ए-अरकम का निरीक्षण किया। इसका संचालन अब्दुल सत्तार द्वारा किया जाता है। निरीक्षण के दौरान मदरसे का भी कोई पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
हालांकि, प्रशासन को मौके पर कोई बच्चा अध्ययनरत नहीं मिला और मदरसा संचालित भी नहीं पाया गया। इसके बाद टीम ने संचालक से लिखित शपथ-पत्र/अंडरटेकिंग लिया कि विधिवत पंजीकरण के बिना मदरसे का संचालन नहीं किया जाएगा।
मेहूंवाला माफी के मदरसे में भी नहीं चल रहा था शिक्षण कार्य
जिला प्रशासन की टीम ने इसके बाद मेहूंवाला माफी स्थित मदरसा दारुल उलूम रहीमिया का भी निरीक्षण किया। इसका संचालन गुलशेर द्वारा किया जाता है। निरीक्षण के दौरान मदरसा संचालित नहीं मिला और वहां कोई बच्चा भी मौजूद नहीं था।
प्रशासन ने संचालक से लिखित शपथ-पत्र लिया कि उचित पंजीकरण के बिना मदरसे का संचालन नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने साफ किया- नियमों का पालन जरूरी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में संचालित सभी शिक्षण संस्थानों में निर्धारित मानकों और नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। प्रशासन की ओर से संस्थानों के निरीक्षण की कार्रवाई जारी रहेगी।
अधिकारियों ने कहा कि जिन संस्थानों का संचालन आवश्यक पंजीकरण के बिना किया जा रहा है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का फोकस शिक्षण संस्थानों में निर्धारित नियमों और मानकों का पालन सुनिश्चित कराने पर है।


