स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):-
उत्तराखंड उच्च न्यायालय में यूनिफार्म सिविल कोड(यू.सी.सी.)के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई टली। न्यायालय ने 12 अक्टूबर की तिथि तय की है।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने प्रदेश सरकार द्वारा लागू किए गए समान नागरिक संहिता (यू.सी.सी.) बिल के खिलाफ दायर 11 जनहित याचिकाओं और पीड़ित प्रेमी जोड़ों के मामलों पर सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से उपस्थित होने वाले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अदालत में पेश न हो पाने के कारण सरकार ने अतिरिक्त समय की मांग की। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए सभी पक्षकारों की सहमति से अगली सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर की तिथि तय कर दी और तब तक संबंधित पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
याचिकाकर्ताओं ने यूसीसी के विभिन्न प्रावधानों को चुनौती देते हुए कहा है कि यह कानून संविधान के अनुच्छेद 25 द्वारा दिए गए धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करता है।
याचिकाओं में विशेष रूप से लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण, मुस्लिम समाज के विवाह, तलाक, इद्दत और विरासत से जुड़े मुद्दों को उठाया गया है। इससे पहले की सुनवाई में याचिकाकर्ताओं ने सरकार द्वारा यूसीसी नियमावली में संशोधन की बात पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी, जिस पर खंडपीठ ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई तक इस संबंध में रुख साफ करने के निर्देश दिए हैं


