Dehradun News: कांग्रेस ने सैन्यधाम की लागत, खर्च, टेंडर और निर्माण कार्य का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की; स्वतंत्र जांच की भी उठी मांग
देहरादून: सैन्यधाम परियोजना को लेकर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सैनिक विभाग ने सोमवार को देहरादून में धरना-प्रदर्शन किया। पूर्व सैनिक विभाग के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कांग्रेस भवन से सैन्यधाम पहुंचे। यहां शहीदों और सैनिकों को नमन करने के साथ दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और पूर्व सैनिकों ने सैन्यधाम परियोजना की कुल लागत, अब तक हुए खर्च, कार्यादेश, निविदाओं, लागत में हुए संशोधनों और निर्माण की वर्तमान स्थिति को सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई गई।
सैन्यधाम की लागत और निर्माण को लेकर उठाए सवाल
पूर्व सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी ने कहा कि सैन्यधाम शहीद सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि परियोजना की स्वीकृत लागत कितनी है, अब तक कितना पैसा खर्च किया जा चुका है और अलग-अलग कार्य किस एजेंसी को सौंपे गए हैं।
कर्नल नेगी ने परियोजना में हुए संशोधनों, वर्तमान निर्माण प्रगति और कार्य पूरा होने की निर्धारित समयसीमा की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच की मांग भी रखी।
गणेश जोशी के बयान पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के सैन्यधाम से चुनावी लाभ लेने संबंधी कथित बयान का मुद्दा भी उठाया। कर्नल राम रतन नेगी ने इस बयान की आलोचना की और कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सैनिकों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री के इस्तीफे की मांग से संबंधित प्रस्ताव पारित किया।
यह कांग्रेस नेताओं की ओर से किया गया राजनीतिक दावा और मांग है।
सुजाता पॉल ने उठाए कई मुद्दे
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष सुजाता पॉल ने गणेश जोशी से जुड़े विभिन्न विभागीय और राजनीतिक मुद्दों को उठाया। उन्होंने सरकार से भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़े आरोपों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
सुजाता पॉल ने उद्यान विभाग से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों, मसूरी विधानसभा क्षेत्र में जंगलों के कटान एवं पर्यावरणीय नुकसान, नियमों के विपरीत भूमि दिए जाने के आरोपों और रेहड़ी-पटरी कारोबारियों से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया।
आय से अधिक संपत्ति मामले का भी जिक्र
कांग्रेस प्रवक्ता और अधिवक्ता पंकज क्षेत्री ने गणेश जोशी से जुड़े आय से अधिक संपत्ति मामले तथा न्यायालय की कार्यवाही को लेकर उनके सार्वजनिक बयानों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि न्यायालय में विचाराधीन मामलों को लेकर सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को न्यायिक प्रक्रिया और संस्थाओं के प्रति मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि आय से अधिक संपत्ति से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा है और हाल में इसे नई पीठ के गठन के लिए मुख्य न्यायाधीश के समक्ष भेजे जाने की रिपोर्ट सामने आई है।
‘सैन्यधाम का हिसाब दो’ के तहत पूछे ये सवाल
धरना स्थल पर कांग्रेस और पूर्व सैनिक विभाग की ओर से ‘सैन्यधाम का हिसाब दो’ अभियान के तहत सरकार के सामने कई सवाल रखे गए।
- सैन्यधाम की स्वीकृत लागत कितनी है?
- अब तक परियोजना पर कितना खर्च हुआ?
- लागत में कितनी बार संशोधन किया गया?
- किस एजेंसी को कौन सा कार्य सौंपा गया?
- अब तक कितना निर्माण कार्य पूरा हुआ?
- बाकी काम कब तक पूरा किया जाएगा?
खाली कुर्सी रखकर सरकार से जवाब की मांग
धरना स्थल पर एक खाली कुर्सी रखी गई, जिस पर ‘जवाबदेह सरकार के प्रतिनिधि के लिए’ लिखा गया था। कांग्रेस की ओर से संबंधित अधिकारी को वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सैन्यधाम परियोजना की लागत, खर्च, निविदाओं, कार्यादेश, संशोधनों, वर्तमान प्रगति और निर्धारित समयसीमा को सार्वजनिक करने के साथ स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग वाला प्रस्ताव भी पारित किया गया।
सरकार को सौंपा मांग-पत्र
धरना समाप्त होने के बाद दो प्रस्ताव और मांग-पत्र एसओ राजपुर पीडी भट्ट के माध्यम से सरकार को भेजे गए। कांग्रेस और पूर्व सैनिक विभाग ने सैन्यधाम से जुड़े सभी वित्तीय एवं निर्माण संबंधी विवरण सार्वजनिक करने की मांग दोहराई।
कार्यक्रम में कर्नल राम रतन नेगी, सुजाता पॉल, अधिवक्ता पंकज क्षेत्री, पूर्व सैनिक विभाग के उपाध्यक्ष गोपाल सिंह गड़िया, डोईवाला ब्लॉक अध्यक्ष विजय गोस्वामी, डोईवाला ब्लॉक महासचिव रविंदर सिंह बर्तवाल, रायपुर ब्लॉक अध्यक्ष सरजीत कृषाली, राम सिंह बिष्ट, वीरेंद्र सिंह बिष्ट, ब्रिगेडियर डंगवाल, वीरेंद्र सिंह, कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह और प्रदेश कांग्रेस महासचिव राजेंद्र शाह समेत कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।


