काशीपुर। गोल्ड लोन के लिए बैंक में गिरवी रखे सोने के आभूषण चोरी होने के मामले में यूको बैंक ने दो उपभोक्ताओं को कुल 14 लाख 18 हजार 776 रुपये का भुगतान किया है। बैंक ने दोनों उपभोक्ताओं के नाम से बने डिमांड ड्राफ्ट जिला उपभोक्ता आयोग, ऊधमसिंह नगर में जमा करा दिए हैं।
यह मामला जसपुर निवासी शीतल अग्रवाल और पंकज कुमार से जुड़ा है। दोनों ने अपनी जरूरत के लिए यूको बैंक की जसपुर शाखा में सोने के आभूषण गिरवी रखकर गोल्ड लोन लिया था। बाद में लोन की पूरी राशि ब्याज समेत चुकाने के बावजूद बैंक से उनके आभूषण वापस नहीं मिल सके।
2023 में गहने वापस मांगने पर नहीं मिले
परिवादियों की ओर से काशीपुर निवासी अधिवक्ता नदीम उद्दीन ने जिला उपभोक्ता आयोग, ऊधमसिंह नगर में अलग-अलग परिवाद दायर किए।
परिवाद के अनुसार, शीतल अग्रवाल ने करीब 3.22 लाख रुपये और पंकज कुमार ने 2 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया था। दोनों ने बाद में अपने-अपने ऋण की ब्याज सहित पूरी राशि बैंक को चुका दी।
वर्ष 2023 में जब उन्होंने बैंक में गिरवी रखे आभूषण वापस मांगे तो बैंक की ओर से उन्हें आभूषण वापस नहीं किए गए। इसके बाद कानूनी नोटिस भी भेजा गया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। आखिरकार दोनों उपभोक्ताओं ने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
बैंक के चपरासी पर चोरी का आरोप
मामले की सुनवाई के दौरान बैंक की ओर से बताया गया कि 11 जुलाई 2018 को बैंक शाखा में चोरी हुई थी। बैंक के अनुसार, उसके चपरासी दुश्यंत कुमार पर चोरी का आरोप लगा था, जिसके बाद उसे निलंबित किया गया और मामले में FIR तथा आरोप पत्र दाखिल किया गया।
बैंक ने यह भी कहा कि चोरी की जानकारी उपभोक्ताओं को फोन के माध्यम से दी गई थी और समझौते के तौर पर उन्हें क्रमशः 4,35,663 रुपये और 2,86,087 रुपये देने का प्रस्ताव रखा गया था।
उपभोक्ता आयोग ने माना सेवा में कमी
जिला उपभोक्ता आयोग, ऊधमसिंह नगर के अध्यक्ष राजीव कुमार खरे, सदस्य नवीन चन्द्र चंदौला और सदस्या डॉ. मनीला ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बैंक द्वारा गिरवी रखे गए सोने के आभूषणों को सुरक्षित न रखने और उन्हें वापस न करने को सेवा में कमी माना।
आयोग ने 7 अगस्त 2026 को अपने आदेश में बैंक को निर्देश दिया कि 45 दिन के भीतर यदि चोरी के बाद आभूषण बैंक को प्राप्त हो गए हों तो उन्हें उसी स्थिति में उपभोक्ताओं को लौटाया जाए।
यदि बैंक आभूषण लौटाने में असमर्थ रहता है तो लोन समाप्ति की तारीख को सोने की बाजार कीमत के आधार पर राशि का भुगतान 6 प्रतिशत साधारण ब्याज के साथ किया जाए। इसके अलावा दोनों उपभोक्ताओं को 5-5 हजार रुपये मानसिक क्षति और 2-2 हजार रुपये वाद व्यय के भुगतान का भी आदेश दिया गया।
बैंक ने जमा किए 14.18 लाख रुपये के डिमांड ड्राफ्ट
अब आयोग के आदेश के अनुपालन में यूको बैंक ने दोनों उपभोक्ताओं के लिए कुल 14,18,776 रुपये के डिमांड ड्राफ्ट आयोग में जमा करा दिए हैं।
आयोग के पत्र के अनुसार, शीतल अग्रवाल के लिए डिमांड ड्राफ्ट संख्या 013558 के माध्यम से 9,49,534 रुपये जमा किए गए हैं।
वहीं पंकज कुमार के लिए डिमांड ड्राफ्ट संख्या 013559 के माध्यम से 4,69,242 रुपये जमा किए गए हैं।

जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष राजीव कुमार खरे ने दोनों उपभोक्ताओं को पत्र के माध्यम से इसकी सूचना दी है। आयोग के अनुसार, दोनों उपभोक्ता नियमानुसार जमा राशि प्राप्त कर सकते हैं।


