देहरादून, 28 सितंबर 2026: नीरज उत्तराखंडी
उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मौसम विभाग ने सोमवार सुबह 7 बजे से 10 बजे तक नौ जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ क्षेत्रों में तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, हरिद्वार, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। कुछ इलाकों में अचानक तेज बारिश होने की आशंका है।
उत्तराखंड के इन 9 जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग की ओर से जारी येलो अलर्ट के दायरे में प्रदेश के नौ जिले शामिल हैं।
- देहरादून
- टिहरी गढ़वाल
- उत्तरकाशी
- हरिद्वार
- पौड़ी गढ़वाल
- रुद्रप्रयाग
- बागेश्वर
- चमोली
- पिथौरागढ़
इन जिलों के अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और तेज बौछारें पड़ सकती हैं।
रुड़की से केदारनाथ-बदरीनाथ तक मौसम बिगड़ने के आसार
मौसम अलर्ट के दायरे में कई प्रमुख शहर, कस्बे और पर्वतीय क्षेत्र भी शामिल हैं। इनमें रुड़की, लक्सर, रायवाला, डोईवाला, श्रीनगर, देवप्रयाग, चकराता और बड़कोट शामिल हैं।
इसके अलावा केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, जोशीमठ, मुनस्यारी और दारमा क्षेत्र में भी मौसम प्रभावित हो सकता है। पहाड़ी इलाकों में अचानक बारिश होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
बारिश से भूस्खलन और सड़कें बाधित होने का खतरा
पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन, मलबा आने और सड़क मार्ग बाधित होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
बारिश के दौरान नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा टालने की सलाह दी गई है। खासकर उन क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है, जहां पहले भी बारिश के कारण सड़कें और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन को सतर्क रहने की जरूरत
मौसम में बदलाव को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को संवेदनशील क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए रखने की जरूरत है। तेज बारिश की स्थिति में प्रभावित मार्गों और संभावित भूस्खलन वाले क्षेत्रों में समय रहते आवश्यक कदम उठाना महत्वपूर्ण होगा।
उत्तराखंड में अगले तीन घंटे मौसम के लिहाज से अहम हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।


