- ज्ञापन के बाद भी नहीं हुआ निस्तारण, यात्रा सीजन में सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
बड़कोट, उत्तरकाशी। 28 सितंबर। नीरज उत्तराखंडी
यमुनोत्री धाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव जानकीचट्टी के मुहाने पर खुले में जमा कूड़े का डंप अब स्थानीय लोगों के साथ ही देश-विदेश से पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन गया है। समय पर कूड़े का निस्तारण नहीं होने से चटख धूप में कचरा सड़ने लगा है, जिससे आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है।
जानकीचट्टी यमुनोत्री धाम जाने वाले यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी मार्ग से यमुनोत्री की ओर आवाजाही करते हैं। ऐसे में मुख्य मार्ग के मुहाने पर खुले में कूड़े का ढेर लगा होना यात्रा क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ कचरे से उठने वाली सड़ांध और दुर्गंध और अधिक परेशानी पैदा कर रही है। आसपास रहने वाले लोगों, दुकानदारों और यात्रियों को इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। कूड़े के कारण क्षेत्र के वातावरण पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
जिलाधिकारी को सौंपा था ज्ञापन
स्थानीय लोगों के अनुसार, यमुनोत्री क्षेत्र के भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी को लिखित ज्ञापन सौंपकर जानकीचट्टी में लंबे समय से जमा कूड़े का तत्काल निस्तारण कराने की मांग की गई थी। प्रधान नीतू रावत, नारायण पुरी, प्रदीप रावत, वीरेंद्र कफोला और अरविंद चौहान आदि ने बताया कि प्रशासन के संज्ञान में मामला लाए जाने के बावजूद अब तक कूड़े का अपेक्षित निस्तारण नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यात्रा सीजन में जानकीचट्टी जैसे प्रमुख पड़ाव पर स्वच्छता व्यवस्था केवल स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधा और क्षेत्र की छवि से भी जुड़ा विषय है। खुले में पड़ा कचरा बाहर से आने वाले यात्रियों के बीच क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर नकारात्मक संदेश दे रहा है।
तत्काल उठाने के साथ नियमित व्यवस्था की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कूड़े के डंप को तत्काल हटाने, पूरे क्षेत्र की सफाई कराने और कचरे के नियमित उठान की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल शिकायत के बाद एक बार सफाई कराने के बजाय जानकीचट्टी में स्थायी और नियमित कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, ताकि यात्रा सीजन में दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
लोगों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करेगा और यमुनोत्री धाम के इस महत्वपूर्ण यात्रा पड़ाव को स्वच्छ एवं दुर्गंधमुक्त रखने के लिए नियमित निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।


