- ओवररेटिंग की शिकायतों पर जिला प्रशासन की सघन छापेमारी, स्टॉक रजिस्टर अपडेट न मिलने से लेकर अनधिकृत सेल्समैन तक पकड़े गए
देहरादून। 1 अक्तूबर 2026,नीरज उत्तराखंडी
शराब की दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब बिक्री (ओवररेटिंग) और अन्य अनियमितताओं की लगातार मिल रही शिकायतों को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गंभीरता से लिया है।
डीएम के निर्देश पर जिला प्रशासन की अलग-अलग मजिस्ट्रेट टीमों ने बुधवार देर रात जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में शराब की दुकानों पर एक साथ सघन चेकिंग एवं छापेमारी अभियान चलाया।
अभियान के दौरान कई दुकानों पर ओवररेटिंग, स्टॉक रजिस्टर अपडेट न होने, अनधिकृत सेल्समैन, रेट लिस्ट चस्पा न होने और शिकायत नंबर प्रदर्शित न करने जैसी अनियमितताएं सामने आईं।
अभियान के तहत ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राहुल आनंद एवं हर्षिता सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, एसडीएम सदर अपूर्वा सिंह तथा एसडीएम मुख्यालय रविंद्र ज्वांठा के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में शराब की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। सभी टीमों के साथ संबंधित क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक भी मौजूद रहे।
आईएसबीटी दुकान पर ओवररेटिंग की पुष्टि
सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी एवं एसडीएम सदर अपूर्वा सिंह के नेतृत्व में माजरा, पटेलनगर और आसपास के क्षेत्रों में जांच की गई। आईएसबीटी स्थित शराब की दुकान पर ओवररेटिंग की शिकायत की पुष्टि हुई।
जांच में दुकान पर रखी 42 शराब की बोतलों के बैच नंबर उपलब्ध अभिलेखों से मेल नहीं खाए। इसके अलावा दुकान पर अनधिकृत सेल्समैन पाए गए और निर्धारित रेट लिस्ट भी चस्पा नहीं मिली। टीम ने स्टॉक एवं बिक्री संबंधी अभिलेखों की जांच करते हुए रिपोर्ट तैयार की।
प्रेमनगर में स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं
एसडीएम मुख्यालय रविंद्र ज्वांठा के नेतृत्व में प्रेमनगर और आसपास की शराब दुकानों की जांच की गई। प्रेमनगर स्थित एक दुकान का स्टॉक रजिस्टर अद्यतन नहीं मिला। दुकान पर अनधिकृत सेल्समैन भी पाए गए। टीम ने स्टॉक और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार की।
जाखन-राजपुर रोड पर भी मिलीं खामियां
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राहुल आनंद एवं हर्षिता सिंह के नेतृत्व में जाखन और राजपुर रोड क्षेत्र की शराब दुकानों पर छापेमारी की गई। कई दुकानों पर स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं पाया गया। इसके अलावा निर्धारित रेट लिस्ट और आबकारी विभाग का शिकायत नंबर प्रदर्शित नहीं था। कुछ दुकानों पर अनधिकृत सेल्समैन भी मिले। जांच के दौरान ओवररेटिंग के मामले भी सामने आए।
टीमों को विक्रेताओं की ओर से भी ओवररेटिंग से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका मौके पर संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
स्टॉक से लेकर सेल्समैन की वैधता तक हुई जांच
जिला प्रशासन की टीमों ने शराब दुकानों में स्टॉक, बिक्री अभिलेख, बैच नंबर, निर्धारित बिक्री दर, रेट लिस्ट, सेल्समैन की वैधता और शिकायत नंबर के प्रदर्शन समेत विभिन्न बिंदुओं की जांच की।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब की बिक्री, अनधिकृत व्यक्तियों से बिक्री कराना और अभिलेखों में अनियमितता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित औचक निरीक्षण करने और अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन के इस देर रात चले विशेष अभियान से शराब कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ओवररेटिंग और अन्य अनियमितताओं से संबंधित शिकायतों पर आगे भी आकस्मिक एवं सघन चेकिंग अभियान जारी रहेगा।


