हरिद्वार: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई में रानीपुर कोतवाली में तैनात एक महिला सहायक उपनिरीक्षक (ASI) को कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है।
आरोप है कि महिला एएसआई दूसरे पक्ष के साथ चल रहे लेनदेन के विवाद में शिकायतकर्ता का समझौता कराकर मामला निपटाने के एवज में रिश्वत मांग रही थी। विजिलेंस ने शिकायत की जांच के बाद ट्रैप कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया।
टोल फ्री नंबर 1064 पर की गई थी शिकायत
विजिलेंस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए जारी टोल फ्री नंबर 1064 पर संपर्क किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रानीपुर कोतवाली में तैनात महिला एएसआई दूसरे पक्ष के साथ चल रहे लेनदेन के विवाद को सुलझाने और समझौता कराने के बदले 10 हजार रुपये मांग रही थी।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने मामले की जांच की। शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सेक्टर देहरादून के निर्देश पर ट्रैप टीम गठित की गई।
हरिद्वार में बिछाया जाल, रिश्वत लेते पकड़ी गई महिला ASI
विजिलेंस टीम ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई की योजना बनाई। शनिवार, 10 अक्टूबर को शिकायतकर्ता को महिला एएसआई द्वारा बताए गए स्थान पर बुलाया गया।
विजिलेंस के मुताबिक, जैसे ही महिला एएसआई ने शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर गिरफ्तार कर लिया।
रानीपुर कोतवाली में तैनाती, शहर कोतवाली क्षेत्र में हुई गिरफ्तारी
महिला एएसआई की तैनाती रानीपुर कोतवाली में बताई गई है, जबकि गिरफ्तारी शहर कोतवाली क्षेत्र में की गई। जानकारी के अनुसार, सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर उसकी ड्यूटी शहर कोतवाली क्षेत्र में लगी हुई थी। इसी दौरान शिकायतकर्ता को कथित तौर पर रिश्वत की रकम देने के लिए बुलाया गया था।
मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। विजिलेंस की ओर से शिकायत की जांच और ट्रैप कार्रवाई के बाद गिरफ्तारी की गई है।
इस कार्रवाई के साथ सतर्कता विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी पद का दुरुपयोग कर रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभाग के टोल फ्री नंबर 1064 पर भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाती है।






