नैनीताल:स्टोरी-कमल जगाती
उत्तराखंड में NEET काउंसलिंग के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे के कथित फर्जी प्रमाणपत्रों का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राजस्व सचिव को सभी संदिग्ध प्रमाणपत्रों का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि मामले की जांच के लिए पहले ही विशेष जांच दल (SIT) गठित किया जा चुका है। इसके बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने याचिका का निस्तारण कर दिया।
NEET काउंसलिंग में फर्जी प्रमाणपत्र लगाने का आरोप
मामले के अनुसार, NEET की पहली और दूसरी काउंसलिंग के दौरान कुछ अभ्यर्थियों पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे के तहत कथित फर्जी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के आरोप सामने आए थे। याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि कुछ प्रमाणपत्रों पर दर्ज नंबर किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर हैं, जबकि प्रमाणपत्र में नाम किसी और का लिखा हुआ है।
इस मामले में प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता को लेकर सवाल उठाए गए, जिसके बाद जांच की मांग करते हुए जनहित याचिका दायर की गई।
EWS, आधार और अधिवास प्रमाणपत्रों पर भी सवाल
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में यह भी कहा गया कि सत्यापन के दौरान कथित तौर पर केवल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे के प्रमाणपत्रों में ही गड़बड़ी नहीं मिली, बल्कि EWS प्रमाणपत्र, आधार कार्ड और अधिवास प्रमाणपत्र समेत अन्य दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर भी सवाल उठे हैं।
आरोप है कि कुछ दस्तावेजों में दर्ज नंबर और नामों के बीच मेल नहीं है। याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया कि कुछ अभ्यर्थियों ने उत्तराखंड का निवासी होने के आधार पर आरक्षण या अन्य लाभ प्राप्त किए, जबकि उनके स्कूल और कॉलेज दूसरे राज्यों में हैं।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि और संबंधित दस्तावेजों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
सरकार ने हाईकोर्ट को बताया- SIT गठित
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए पहले ही SIT का गठन किया जा चुका है। सरकार के इस पक्ष को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राजस्व सचिव को सभी संदिग्ध प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
अदालत ने इसके बाद जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया। प्रमाणपत्रों की जांच और सत्यापन के जरिए उनकी वास्तविकता का पता लगाया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला NEET काउंसलिंग में आरक्षण और कोटे का लाभ लेने के लिए प्रस्तुत किए गए प्रमाणपत्रों की वैधता से जुड़ा है। याचिकाकर्ता की ओर से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे के अलावा EWS, आधार और अधिवास प्रमाणपत्रों में भी कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया गया है।
अब राजस्व सचिव के स्तर पर संदिग्ध प्रमाणपत्रों का सत्यापन और SIT की जांच इस मामले में महत्वपूर्ण होगी। जांच में जिन दस्तावेजों के फर्जी पाए जाने की पुष्टि होगी, उनके संबंध में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।






