देहरादून। उत्तराखंड में सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया पर अमर्यादित टिप्पणियां करने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनोद प्रसाद सिमल्टी ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए अधिकारियों को ऐसे मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
24 अक्टूबर को जारी पत्र में मंडलीय अपर निदेशकों और मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सोशल मीडिया या प्रिंट मीडिया में की गई टिप्पणियों से जुड़े मामलों की प्रकृति और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की जाए।
संबंधित शिक्षक या कर्मचारी की पहचान करने के बाद प्रकरण से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य संलग्न करते हुए कार्रवाई का प्रस्ताव नियुक्ति प्राधिकारी को भेजा जाए।
साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक मामले में उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी। अधिकारियों को कार्रवाई से संबंधित पूरी जानकारी निदेशालय को भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत कार्रवाई के निर्देश
पत्र में उल्लेख किया गया है कि इस तरह की टिप्पणियां उत्तराखंड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली, 2002 के नियम 3(1), 3(2) और 7 के विपरीत हो सकती हैं। इन नियमों के तहत सरकारी कर्मचारियों से उचित आचरण, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा की गरिमा बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है।
विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।







