देहरादून। देहरादून के समर वैली स्कूल में 11वीं की छात्रा के साथ कथित अनुचित स्पर्श के मामले में पुलिस ने फिजिक्स शिक्षक रवींद्र भृगु के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। छात्रा ने अपनी मां के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेन्द्र डोबाल से मुलाकात कर लिखित शिकायत दी थी।
एसएसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए महिला पुलिस अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद मामले में कार्रवाई की गई।
मामले के तूल पकड़ने के बीच आरोपी शिक्षक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा और कहा कि उनके 25 साल के शिक्षण करियर में पहली बार इस तरह का आरोप लगा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जाने-अनजाने कोई गलती हुई है तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं। वहीं, शनिवार सुबह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
15 छात्राओं के हस्ताक्षर वाली शिकायत देने का दावा
शिकायतकर्ता छात्रा के मुताबिक, फिजिक्स शिक्षक पर छात्राओं को कथित तौर पर अनुचित तरीके से छूने के आरोप हैं। छात्रा का कहना है कि उसने 15 अन्य छात्राओं के हस्ताक्षर वाली लिखित शिकायत 15 अक्टूबर को स्कूल प्रबंधन को सौंपी थी।
आरोप है कि उस समय प्रिंसिपल ने शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें नौकरी से हटाने का भरोसा दिया। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि उसे घटना के बारे में घर पर किसी को नहीं बताने के लिए कहा गया।
छात्रा के अनुसार, 16 अक्टूबर को जब वह स्कूल पहुंची तो शिक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इसके बाद उसे प्रिंसिपल के कार्यालय में बुलाया गया, जहां डायरेक्टर, प्रिंसिपल और एक अन्य महिला शिक्षक मौजूद थीं।
डायरेक्टर पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप
छात्रा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान डायरेक्टर ने उससे अनुचित और अभद्र टिप्पणी की। छात्रा के मुताबिक, डायरेक्टर ने शिक्षक द्वारा कथित तौर पर छूने के तरीके को दिखाने के लिए भी कहा।
छात्रा का आरोप है कि डायरेक्टर ने उस पर छात्राओं से जबरन हस्ताक्षर करवाने का आरोप लगाया और कहा कि कोई उसका साथ नहीं देगा। छात्रा के अनुसार, इस घटना के बाद वह डर गई और उसने स्कूल जाना बंद कर दिया।
मां-बेटी को स्कूल में रोकने का आरोप
छात्रा ने बताया कि डर और तनाव के कारण जब उसने स्कूल जाने से इनकार किया तो उसने अपनी मां को पूरी घटना बताई। इसके बाद शुक्रवार सुबह उसकी मां बेटी के साथ स्कूल पहुंचीं और प्रबंधन से जवाब मांगा।
परिवार का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने मां-बेटी को धमकाया और कई घंटे तक स्कूल परिसर के भीतर रोके रखा। इस दौरान पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) की टीम भी स्कूल प्रबंधन के साथ बातचीत कर रही थी।
परिवार के मुताबिक, मां-बेटी को बाहर नहीं आने दिया गया, जिसके बाद मां ने मौके पर पहुंचे मीडियाकर्मियों से मदद मांगी। आरोप है कि मीडिया के पहुंचने के बावजूद स्कूल का मुख्य गेट नहीं खोला गया और छुट्टी के बाद ही मां-बेटी बाहर आ सकीं।
शिकायत की कॉपी नहीं देने और CCTV फुटेज हटाने के आरोप
परिवार ने 15 छात्राओं के हस्ताक्षर वाली मूल शिकायत की प्राप्ति या उसकी फोटोकॉपी मांगी, लेकिन आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने इसे देने से इनकार कर दिया। मौके पर मौजूद पत्रकारों और प्रिंसिपल के बीच तीखी बहस होने की बात भी सामने आई।
आरोपी शिक्षक ने वीडियो जारी कर मांगी माफी
विवाद बढ़ने के बाद फिजिक्स शिक्षक रवींद्र भृगु ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनके 25 साल के फिजिक्स शिक्षण करियर में पहली बार उन पर इस तरह का आरोप लगा है।
शिक्षक ने कहा कि वह बच्चों को अपने बेटे-बेटियों के समान मानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जाने-अनजाने कोई त्रुटि हुई है तो वह इसके लिए तहे दिल से क्षमा मांगते हैं। शिक्षक के इस बयान के बाद मामले में उनका पक्ष भी सार्वजनिक रूप से सामने आया है।
समर वैली स्कूल के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन
मामले को लेकर शनिवार सुबह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने समर वैली स्कूल के गेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्कूल में पिछले एक साल से इस तरह की घटनाएं हो रही थीं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान डायरेक्टर से सार्वजनिक रूप से और स्कूल की असेंबली में विद्यार्थियों के सामने माफी मांगने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने विद्यार्थियों को जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वे किसी भी अनुचित व्यवहार की जानकारी बिना डर के अपने अभिभावकों और पुलिस को दे सकें।
महिला पुलिस अधिकारी कर रहीं मामले की जांच
एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल के अनुसार, छात्रा की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच के लिए महिला पुलिस अधिकारी को नियुक्त किया गया है। पुलिस जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
फिलहाल शिक्षक और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।






