- पुलिस ने बाजार की ओर बढ़ता पुतला रोका, थाने के पास ही दहन
- महिला सम्मान और कथित राजनीतिक दबाव के आरोपों को लेकर स्वाभिमान मोर्चा का प्रदर्शन; निष्पक्ष जांच और सार्वजनिक माफी की मांग
त्यूणी। 28 अक्टूबर। नीरज उत्तराखंडी
महिला सम्मान से जुड़े कथित विवाद और राजनीतिक दबाव के आरोपों को लेकर उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा ने बुधवार को त्यूणी में प्रदर्शन कर चकराता विधायक एवं कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह तथा उनके भाइयों का पुतला दहन किया।
मोर्चा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विधायक के भाइयों की ओर से क्षेत्र की एक महिला के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाली कथित टिप्पणी की गई तथा सीधे-साधे लोगों पर कांग्रेस में शामिल होने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, फोन पर हुई बातचीत का एक कथित ऑडियो वायरल होने के बाद यह मामला सामने आया।
मोर्चा की प्रमुख मांग थी कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। संगठन ने विधायक प्रीतम सिंह और उनके भाइयों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी उठाई।
बाजार जाने से पहले पुलिस ने रोका
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मोर्चा कार्यकर्ता त्यूणी बाजार की ओर पुतला लेकर बढ़ रहे थे। बताया गया कि संभावित विवाद की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। चकराता और कालसी से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाए जाने के साथ पीएसी की तैनाती भी की गई।
कार्यकर्ताओं के बाजार की ओर बढ़ने पर पुलिस ने उन्हें त्यूणी थाने के समीप ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने थाने के पास ही पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन और विधायक के खिलाफ नारेबाजी की।
‘जौनसार-बावर के स्वाभिमान से समझौता नहीं’
उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बॉबी पवार ने कहा कि जौनसार-बावर के स्वाभिमान से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिला सम्मान और आम जनता पर कथित राजनीतिक दबाव का मामला गंभीर है। उन्होंने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान जसपाल रावत ने भी प्रशासन से मामले में गंभीरता से हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि मामले का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन में रविंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, सबत सिंह, बिट्टू वर्मा सहित स्वाभिमान मोर्चा के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि बाकी
मोर्चा कार्यकर्ताओं का कहना है कि विवाद की शुरुआत फोन पर हुई बातचीत के कथित ऑडियो के वायरल होने के बाद हुई। हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता, उसमें कही गई बातों के संदर्भ तथा लगाए गए राजनीतिक दबाव के आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। संबंधित पक्ष की ओर से इस मामले में क्या प्रतिक्रिया दी गई है, यह भी स्पष्ट होना बाकी है।
ऐसे में पूरे प्रकरण में आरोपों को अंतिम तथ्य मानने के बजाय पुलिस-प्रशासन की जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल त्यूणी में पुतला दहन के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।






