गिरधारी लाल साहू ने मुकदमे को बताया झूठा
गिरधारी लाल साहू ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे में लगाए गए आरोपों को गलत बताया है। याचिका में उनका कहना है कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा निरस्त किया जाना चाहिए।
साहू की ओर से यह भी कहा गया कि उनकी और रेखा आर्या की शादी वर्ष 2004 में हुई थी और तब से वे साथ रह रहे हैं। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की है।
शादी, कथित जालसाजी और धमकी के आरोप
रेखा आर्या की शिकायत के आधार पर दर्ज मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि गिरधारी लाल साहू ने शादी के समय खुद को अविवाहित बताया था, जबकि वह पहले से शादीशुदा थे। शिकायत में कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर कर रेखा आर्या को कुछ कंपनियों के निदेशक पदों से हटाने, जान से मारने की धमकी देने और जातिसूचक अपशब्द कहने जैसे आरोप भी शामिल हैं।
हालांकि, साहू की ओर से इन आरोपों को गलत बताया गया है। मामले में लगाए गए आरोपों की सच्चाई का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना है।
मंत्री पर 210 करोड़ की अवैध संपत्ति का आरोप
दूसरी ओर, गिरधारी लाल साहू ने अपनी याचिका में रेखा आर्या पर भी आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि रेखा आर्या के मंत्री बनने के बाद 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की गई। उन्होंने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की है।
साहू का कहना है कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा इन आरोपों के संदर्भ में झूठा है। हालांकि, 210 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़ा दावा उनकी ओर से लगाया गया आरोप है, जिसकी पुष्टि स्वतंत्र जांच के बिना नहीं की जा सकती।
इस पूरे विवाद ने 15 अक्टूबर को उस समय तूल पकड़ा, जब रेखा आर्या ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपने साथ कथित मानसिक उत्पीड़न और मारपीट की बात कही थी। उन्होंने खुद और अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दी, जिसके आधार पर गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
कुछ दिन बाद साहू ने भी वीडियो जारी कर रेखा आर्या की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया और उन पर कथित अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए। इस तरह मामला व्यक्तिगत विवाद के साथ-साथ कानूनी और राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।
एसआईटी कर रही मामले की जांच
रेखा आर्या की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, एसआईटी मामले से जुड़े आरोपों और साक्ष्यों की जांच कर रही है। गिरधारी लाल साहू की गिरफ्तारी पर रोक और मुकदमा निरस्त करने की याचिका पर हाईकोर्ट में फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है।
अब मामले की सुनवाई दूसरी पीठ के समक्ष होगी। आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






