ब्रेकिंग न्यूज़(कमल जगाती, नैनीताल):-
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू की गिफ्तारी और मुकदमा निरस्त करने संबंधी याचिका को खारिज कर दिया है।
मामले में न्यायालय ने सभी पक्षों को सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया था। अपना निर्णय सुनाते हुए न्यायालय ने गिरधारी लाल साहू को जोर का झटका दिया है । न्यायालय ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया है।
मामले के अनुसार, गिरधारी लाल साहू ने याचिका दायर कर कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे में सभी आरोप झूठे हैं। उन्हें गलत तरिके से फंसाया गया और झूठा मुकदमा दर्ज किया गया। उनकी शादी वर्ष 2004 में रेखा आर्या से हुई थी, तभी से वो दोनों साथ हैं। उनपर आरोप लगाया गया कि उनके द्वारा अपने को अविवाहित बताकर शादी की गई, जबकि वे शादी के वक्त शादी शुदा थे। उनके द्वारा जालसाजी रचकर उनके फर्जी हस्ताक्षर बना के उन्हें कई कम्पनियो के निदेशक पद से हटा दिया गया। यही नहीं, उन्हें जान से मारने की धमकी और जाति सूचक अपशब्द भी कहे गए हैं।
गिरधारी लाल ‘पप्पू’ की ओर से यह भी कहा गया कि उनके मंत्री बनने के बाद उनके पास ₹210 करोड़ की अवैध सम्पति अर्जित की गयी, इसकी उच्च स्तरीय जाँच कराने को कहा है। न्यायालय से प्रार्थना की गई है कि उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाय और दर्ज मुक़दमे निरस्त किए जाएं।
इस मामले में रेखा आर्य ने गिरधारी साहू पर आई.पी.सी.की धारा 120-बी, 323, 420, 467, 468, 471, 495, 498-ए, 504, 506 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण)अधिनियम, 1989 की धारा 3(1) के तहत गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।






