ब्रेकिंग न्यूज़(कमल जगाती, नैनीताल):-
ऊत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने अल्मोड़ा के पर्यावरण संस्थान में हुए अतिक्रमण मामले में पर्यावरण संस्थान को बड़ी राहत देते हुए जिलाधिकारी को सभी अतिक्रमणकारियों को हटाने संबंधी प्रत्यावेदन पर 12 महीने में समिति बनाकर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। खंडपीठ ने पर्यावरण संस्थान की भूमि पर किए गए अतिक्रमण मामले की याचिका को निस्तारित कर दिया है।
मामले के अनुसार, पर्यावरण संस्थान (गोविंद बल्लभ पर्यावरण संस्थान अल्मोड़ा)की भूमि पर अतिक्रमण की कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। उन शिकायतों पर प्रशासन की तरफ से मदद न मिलने पर संस्थान ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
उच्च न्यायालय में अतिक्रमणकारियों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनको हटाने के संबंध में उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है और वह अपनी ही भूमि पर काबिज हैं।
सभी तथ्यों को देखते हुए खंडपीठ ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को दो महत्वपूर्ण निर्देश दिए। न्यायालय ने कहा गया कि वह एक समिति बनाकर उन सब लोगों को चिन्हित करें जो अतिक्रमणकारी हैं। खंडपीठ ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को यह भी निर्देश दिए कि समिति की रिपोर्ट आ जाने पर 12 महीने में उचित कार्यवाही पूरी करें।
याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता स्निग्धा तिवारी ने बताया कि, इससे पर्यावरण संस्थान को राहत मिली है और वह इस उम्मीद में है कि अब अतिक्रमण से मुक्त होकर वह अपनी भूमि का पूरा उपयोग कर पाएंगे।






