मजदूरों की मजबूरी में महिला पत्रकार ने ढूंढा मौका। मुकदमा दर्ज

मनोज नौडियाल/कोटद्वार 
कोटद्वार। संस्कार सांस्कृतिक एवं सामाजिक सस्था व वीरेंद्र कुमार ने कोटद्वार की एक महिला पत्रकार पर मजदूरों से बस का अवैध किराया वसूलने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस महिला पत्रकार के द्वारा गरीब मजदूरों से व उनके बच्चों से पांच हजार रुपये एक टिकट के लिए गए हैं, जबकि पूरी बस 85000 रुपये में गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से महिला पत्रकार पर कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं महिला पत्रकार ने कहा कि इसमें धोखा देने वाली कोई बात नहीं है। जिस व्यावसायी से पहले गाड़ी कराई गई थी, जब उसकी गाड़ियां ना लेकर कहीं और से गाड़ियों का इंतजाम किया गया, तब वह ऐसे आरोप लगा रहा है।
महिला पत्रकार का कहना है कि यदि इसमें ठगी जैसी कोई बात होती तो भला मजदूरों के परिवार वाले बिहार अपने घर पर पहुंचने के बाद उन्हें धन्यवाद करने वाले फोन क्यों करते !
मंगलवार सुबह संस्कार सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था के अध्यक्ष सुधीर बहुगुणा व बस स्वामी वीरेंद्र कुमार ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है।ज्ञापन के माध्यम से बताया गया है कि कोरोना महामारी में विगत कई दिनों से कोटद्वार में झारखंड, बिहार तथा नेपाल के मजदूर लाकडाउन के दौरान यहां फंसे हुए है। जिन्हें घर भेजने के नाम पर महिला पत्रकार के द्वारा प्रत्येक से पांच हजार रुपये वसूलने तथा गाड़ी वाले को मात्र 85000 रूपये लेकर नाजायज पैसा वसूला गया है ।जो कि निंदनीय है। उन्होंने बताया कि इस कृत्य से हमारे राज्य की बदनामी हो रही है, इसलिए इस मामले का संज्ञान लेकर संबंधित पत्रकार व चैनल पर हमने कार्रवाई होनी चाहिए।

https://youtu.be/3YvQumiK0Tw

 

वहीं नामदेव ट्रेवल्स के स्वामी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि मुझे एक महिला पत्रकार का फोन आया और उन्होंने गरीब मजदूरों को बिहार भेजने को लेकर मुझसे बस मांगी। मेरे द्वारा बस बिहार भेजने के लिए एक लाख रुपये मांगे गए तो महिला पत्रकार ने कहा यह लोग बहुत गरीब हैं, कुछ कम कर दो तब मेरे द्वारा 90000 हजार रुपये बुकिंग बताई गई।
उक्त महिला पत्रकार द्वारा मुझसे कमीशन देने की बात कही गई तो मेरे द्वारा दो हजार रुपये देने की बात कही गई, जिस पर महिला पत्रकार द्वारा पांच हजार रुपये काट लिये गये। जब मजदूरों द्वारा मुझे बताया गया कि प्रत्येक सवारी से पांच हजार रुपये लिए गए हैं तो मेरे द्वारा महिला पत्रकार को गरीबों का पैसा वापस लौटाने की बात कही गई, जिस पर महिला पत्रकार द्वारा मुझे कहा गया कि आपको अपनी बुकिंग के पैसों से मतलब होना चाहिए। मेरे लिए तो कई अन्य गाड़ियां भी हैं।
उन्होंने बताया कि इस घटना से मुझे बहुत दुःख हुआ है महिला पत्रकार द्वारा गरीब मजदूरों के साथ ऐसा घिनौना कार्य किया गया, जिससे उत्तराखंड प्रदेश की बदनामी हुई है। उन्होंने उपजिलाधिकारी से महिला पत्रकार के खिलाफ आपदा में ऐसे गरीब मजदूरों से अमर्यादित कार्य करने व राज्य की बदनामी करने पर कानूनी कार्यवाही करने की माँग की है।
बहरहाल पुलिस ने महिला पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है और जांच कर रही है।

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