सुपर एक्सक्लूसिव : हल्द्वानी में जुटेंगे भाजपा के 27 विधायक। दिल्ली से बुलावा। त्रिवेंद्र के नेतृत्व मे चुनाव मे जाने से इनकार

सुपर एक्सक्लूसिव : हल्द्वानी में जुटेंगे भाजपा के 27 विधायक। दिल्ली से बुलावा। त्रिवेंद्र के नेतृत्व मे चुनाव मे जाने इनकार

उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व के खिलाफ भाजपा के विधायकों में आक्रोश अपने चरम पर पहुंच गया है। पर्वतजन के सूत्रों के अनुसार दो सितंबर को हल्द्वानी में गढ़वाल और कुमाऊं के विधायकों की महापंचायत रखी गई है।
 इस मीटिंग में अभी तक 17 विधायक कुमाऊं के और नौ विधायक गढ़वाल के आने की बात फाइनल हुई है।

दिल्ली से बुलावा

 पर्वतजन के सूत्रों के अनुसार इन विधायकों को दिल्ली केंद्रीय संगठन से फोन करके वार्ता के लिए भी बुलाया गया है।
 हल्द्वानी में मीटिंग के बाद डीडीहाट के विधायक बिशन सिंह चुफाल के साथ कुछ और विधायक भी दिल्ली जाकर केंद्रीय नेताओं से मीटिंग कर सकते हैं।
 यह पहली बार हुआ है कि विधायकों को दिल्ली से फोन करके बुलाया जा रहा है।
 इससे पहले जब भी विधायकों को मुलाकात करनी होती थी तो वह पहले से ही खुद समय लेते थे और समय मिलने पर ही दिल्ली जाते थे।

इसलिए नाराज हैं विधायक 

 पर्वतजन ने नाराज विधायकों से बात की तो उनका कहना था कि अफसर उनकी बातों को कोई तवज्जो नहीं देते।
 यहां तक कि पांच छह बार के चुने हुए विधायकों की पटवारी के मामले तक में भी सुनवाई नहीं होती। जबकि उन्ही के क्षेत्रों में भाजपा के दायित्व धारियों अथवा नए नेताओं को अफसर काफी तवज्जो देते हैं।
 विधायकों का कहना है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में भाजपा की छवि प्रदेश में इतनी खराब हो गई है कि वह त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में चुनाव लड़ने में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
 सूत्रों के अनुसार इस बार इन विधायकों ने साफ मन बना लिया है कि वह केंद्रीय नेतृत्व से साफ-साफ कह देंगे कि भले ही पार्टी छोड़नी पड़ जाए लेकिन वे त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में चुनाव मैदान में नहीं जाएंगे।

 दून की मीटिंग से उत्साहित

 पिछले 4 दिनों से देहरादून में कई विधायकों की मीटिंग के बाद अब अगली मीटिंग हल्द्वानी में रखी गई है। इसके बाद विधायक तय समय के अनुसार दिल्ली केंद्रीय नेताओं से मुलाकात करेंगे।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी के उत्तराखंड में धमाकेदार दस्तक के बाद भाजपा के अंदर भी काफी उथल-पुथल मची हुई है और अभी से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार काफी बड़ी संख्या में भाजपा और कांग्रेस के बागी आम आदमी पार्टी में शामिल हो सकते हैं।

आप और यूकेडी की सक्रियता से हलचल

 हालांकि अभी तक आम आदमी पार्टी सांगठनिक स्तर पर सबसे कमजोर है लेकिन जनता में यूकेडी और आम आदमी पार्टी को लेकर विभिन्न तरीके की चर्चाओं का बाजार बेहद गर्माया हुआ है।
 यह देखने वाली बात होगी कि दिल्ली में मुलाकात के बाद 4 तारीख को बिशन सिंह चुफाल क्या खबर लेकर आते हैं।

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